ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शहर से लगे जोहड़ी गांव में ग्राम समाज की 25 बीघा भूमि कब्जाने का बड़ा खेल सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीन कब्जा ली गई। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने एसआईटी भूमि की जांच में आरोप की पुष्टि के बाद मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस फर्जीवाड़े में शहर के कई बड़े सफेदपोशों के अलावा राजस्व अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं।
राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में ग्राम समाज की जमीन पर कई सफेदपोशों द्वारा फर्जीवाड़ा करने का मामला उजागर हुआ है। दरअसल इस जमीन में कुछ हिस्सा एक पूर्व फौजी को आवंटित किया गया था, मगर कागजों में वह किसी दूसरे के नाम दर्ज है। कई बरस से पूर्व फौजी आवंटित जमीन पाने को कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इसी बीच प्रधान दुर्गेश गौतम की शिकायत पर हुई एसआईटी जांच में सरकारी अभिलेखों में गड़बड़ी कर 25 बीघा भूमि की हेराफेरी की पुष्टि हुई थी।
पूर्व फौजी के अलावा प्रधान दुर्गेश के नेतृत्व में कुछ लोगों ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार से मिलकर बताया कि फर्जीवाड़े के तमाम प्रमाण होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी बड़े लोग हैं, जिनकी खिलाफ कार्रवाई में बचा जा रहा है। अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने एसआईटी की जांच संबंधी पत्रावली का अवलोकन करने के बाद उसे बेहद गंभीर मामला माना है। एडीजी अशोक कुमार ने डीआईजी को इस फर्जीवाड़े में मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दो किश्तों में हुई हेराफेरी ; करोड़ों की जमीन की यह हेराफेरी दो किश्तों में हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सरकारी रिकार्ड में .48 हेक्टेयर जमीन को 1.48 हेक्टेयर और .244 हेक्टेयर को 1.244 किया गया। इसी वजह इस खेल में राजस्व अधिकारियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
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सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी कर करीब 25 बीघा भूमि पर कब्जा किए जाने की बात सामने आ रही है। एसआईटी जांच में आरोप की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस को इस खेल में शामिल भू-माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विवेचना में इस खेल में शामिल लोगों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।
- अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था।
दो करोड़ रुपये बीघा का है रेट ; पुलिस सूत्रों की मानें तो जोहड़ी गांव में जमीन का रेट दो करोड़ रुपये प्रति बीघा चल रहा है। ऐसे में यदि 25 बीघा जमीन की हेराफेरी हुई है तो यह मामला करीब 50 करोड़ रुपये के घपले का हो सकता है।