सेना कैंप से कारतूस चोरी का कराया नाट्य रूपांतरण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
घंघोडा स्थित आर्मी कैं प से कारतूस और खोखा चोरी करने के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को रिमांड पर आई तीनों महिलाओं से चोरी का नाट्य रूपांतरण कराया। इसके तहत बृहस्पतिवार को महिलाओं को जंगल के रास्ते सेना के कैंप तक ले जाया गया और उनके आवागमन की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई। हालांकि अभी तक महिलाओं से पूछताछ में सेना के हैंड ग्रेनेड और मोर्टार के पिन चोरी की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसओजी और कैंट पुलिस ने 11 जनवरी को जीएमएस रोड स्थित मुस्तकीम कबाड़ी के अड्डे पर छापा मारकर घंघोडा स्थित आर्मी यूनिट से चुराए गए 8172 खोखे और एसएलआर के 119 कारतूस बरामद किए थे। कारतूस और चोरी में तीन महिलाओं सीमा साहनी, शिव कुमारी और पिंकी साहनी निवासी कांवली रोड की गिरफ्तारी हुई थी। इन्होंने ही कारतूस और खोखे कबाड़ी मुस्तकीम को बेचे थे। इन खोखों और कारतूस की बरामदगी के बाद हरकत में आई सेना ने कैंट कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं बाद में सेना के दूसरे पत्र में हैंड ग्रेनेड और मोर्टार के पिन गायब होने के जानकारी दी गई। इसी के चलते कैंट पुलिस ने तीनों आरोपी महिलाआें सीमा साहनी, शिव कुमारी, पिंकी साहनी, कबाड़ी मुस्तकीम को रिमांड पर लेकर बृहस्पतिवार को फिर से पूछताछ की और चोरी का नाट्य रूपांतरण करके हकीकत खंगालने की कोशिश की। पुलिस की मौजूदगी में तीनों महिलाएं जंगल के रास्ते सेना के कैंप तक पहुंचीं और सेना के कारतूस और खोखे चुराने की घटना दोहराई। कैंट कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि पूछताछ में महिलाओं ने कारतूस और खोखे के अलावा हैंड ग्रेनेड और मोर्टार आदि के पिन चुराने की बात नहीं कही है। वहीं कबाड़ी मुस्तकीम ने पिन आदि मिलने से इन्कार किया है।
तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
कारतूस और खोखे की बरामदगी के बाद सेना की तरफ से दो बार में सामान चोरी की जानकारी दी गई है, लेकिन पूछताछ में दूसरे पत्र से संबंधित सामान को लेकर कुछ हासिल नहीं हुआ है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक