मोती की लाश ऊपर आने का इंतजार कर रही पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विकासनगर के चर्चित मोती हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य तो मिल गए हैं, लेकिन पुलिस उसका शव खोजने में अभी तक नाकाम है। एसडीआरएफ की अत्याधुनिक तकनीक और कुशल गोताखोर भी असफल हो गए। अब पुलिस को शव के ऊपर आने का इंतजार है। विशेषज्ञों की माने तो इसमें अभी एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग सकता है।
गौरतलब है कि त्यूनी के गांव झिटाड निवासी तारा सिंह विकासनगर के जीवनगढ़ में मकान बनवा रहे हैं। यहां 16 जनवरी को उनका बेटा मोती सिंह बाल कटवाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। 19 जनवरी को पता चला कि मोती की दो युवकों ने सिर पर ईंट मारकर हत्या कर दी और शव शक्ति नहर में फेंक दिया। पुलिस ने मोती के पिता की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था और शव की तलाश शुरू की। आरोपियों के दूसरे समुदाय के होने के कारण और शव न मिलने से गुस्साए लोगों ने विकासनगर क्षेत्र में खासा बवाल भी किया था। हालांकि दो दिन बाद मामला शांत हो गया। इस बीच पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद ली ताकि शव को खोजा जा सके।
एसडीआरएफ ने अत्याधुनिक तकनीक सोनार सिस्टम, कुशल गोताखोर, अंडर वाटर राडार आदि से मोती की तलाश शुरू की, मगर सफलता नहीं मिली। तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाकर आखिरकार एसडीआरएफ भी वापस आ गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण परमेंद्र डोभाल ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर मोती की कार और खून से सनी ईंट आदि तो मिल गए हैं। इनसे आरोपियों के खिलाफ हत्या को साबित करने को काफी साक्ष्य हैं। मगर, शव मिलने से साक्ष्य ज्यादा पुख्ता हो जाएंगे। मोती का शव पानी में ऊपर आने का इंतजार किया जा रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि शव के ऊपर आने में अभी दस दिन का समय और लग सकता है।
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सर्दियों में लगता है शव के फूलने में ज्यादा समय
फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों के दिनों में शव 24 से 36 घंटों में तैरकर पानी की सतह पर आ जाता है लेकिन सर्दियों में यह समय 30 दिन तक भी हो सकता है। ऐसा होने का कारण है कि सर्दियों में पानी का तापमान कम होता है। इससे मृत शरीर में अपघटन देरी से होता है और शरीर के भीतर गैसें कम बनती हैं। इसे शरीर का सड़कर फूलना भी कह सकते हैं। इससे मृत शरीर के फूलने में गर्मियों की सर्दियों में अधिक वक्त लगता है। शव सड़कर फूलने के बाद ही पानी में तैरता है।