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मीनू के कबूलनामे से मेल खाती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट

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मीनू के कबूलनामे से मेल खाती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्राप्ति की हत्या को लेकर सौतेली मां मीनू कौर के कबूलनामे से पोस्टमार्टम रिपोर्ट काफी हद तक मेल खाती हैं। रिपोर्ट में सिर के पास भारी वस्तु से चोट पहुंचाने, गर्दन की हड्डी काटने और पेट के हिस्से से शव को दो हिस्सों में करने की पुष्टि हुई है। पूरा पेट तो काट दिया, मगर रीढ की हड्डी नहीं कट सकी।
सौतेली मां के हाथाें मारी गई प्राप्ति सिंह के शव का शनिवार को दो चिकित्सकाें की टीम ने पोस्टमार्टम किया। मौत का कारण शरीर पर आईं चोटों को बताया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकाें ने पाया है कि प्राप्ति के सिर के पास किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया है। कोरोनेशन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक अधीक्षक डॉ. एलसी पुनेठा के मुताबिक युवती के सिर, गर्दन और पेट पर कई निशान हैं। गर्दन की हड्डी तक कटी मिली है। इसके अलावा पेट का हिस्सा दोनों तरफ से कटा है। सिर्फ रीढ की हड्डी बची है। जाहिर है कि पहले सिर पर चोट पहुंचाकर उसे बेहोश किया गया। बाद में धारदार हथियाराें से उसे काटा गया है। बता दें कि शुक्रवार को मीनू कौर ने पुलिस के सामने सिर में चोट, गर्दन और पेट के हिस्से से लाश के दो टुकड़े करने की बात स्वीकार की थी।
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संरक्षित किया विसरा
प्राप्ति के शव के पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस की तरफ से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। इनमें से प्रमुख बिंदू यही है कि कत्ल से पहले प्राप्ति किसी तरह के नशे में तो नहीं थी या उसे किसी तरह का पदार्थ तो नहीं दिया गया था। इसी लिहाज से विसरा संरक्षित किया गया है। विसरा जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
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किराए के मिलते थे 32 हजार
प्रापर्टी से किराए के रूप में कौर परिवार को 32 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। मीनू कौर का कहना है कि प्राप्ति हर माह खर्च के रूप में उसे दो-तीन हजार रुपये देती थी। बाकी रकम वह ही खर्च करती थी।
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किसके नाम है करोड़ों की प्रापर्टी
शहर के बीच स्थित करोड़ों की यह प्रापर्टी किसके नाम पर हैं, दूसरे दिन भी यह संशय बरकरार रहा। पुलिस ने मीनू कौर से इस बारे में पूछा था। मीनू का कहना था कि पूरी संपत्ति उनके पति अजित पाल सिंह के नाम ही है। एलआईसी आदि प्राप्ति सिंह के नाम पर थी। इसी बीच पुलिस को एक रिकार्डिंग मिली है, जिसमें प्राप्ति द्वारा संपत्ति उसके नाम होने की बात कही गई थी। आरोप लगाया था कि सौतेली मां ने साजिश के तहत घर में आग लगाकर कागजातों को जला दिया है। दूसरे रिश्तेदारों को प्रापर्टी के स्वामित्व को लेकर कोई जानकारी नहीं है। कोई प्रापर्टी दादा के नाम बता रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती का कहना है कि रिश्तेदार तो कुछ नहीं बता पा रहे हैं। सोमवार को पता चल पाएगा कि यह पूरी संपत्ति किसके नाम पर हैं।
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शादी में हुई थी मीनू और अजित की मुलाकात
बताया गया है कि करीब 18 साल पहले मीनू कौर और अजित सिंह की मुलाकात शहर में एक शादी समारोह में हुई थी। उस समय दोनों अपने जीवन साथी को खो चुके थे। अकेले होने के कारण दोनों के बीच बातचीत होने लगी। रिश्तेदारों और परिचितों के सहयोग से 20 दिन में ही दोनों की शादी हो गई थी। उस समय प्राप्ति कुछ साल की ही थी।
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