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शादी समारोह में पिटाई से घायल युवक की मौत

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प्रतीकात्मक
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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून/नैनबाग। टिहरी गढ़वाल के श्रीकोट गांव में नौ दिन पहले शादी समारोह में पिटाई से घायल अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र दास की रविवार तड़के मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के सात दबंगों ने शादी समारोह में कुर्सी पर सामने बैठकर खाना खाने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणाें की योजना शव को सीएम आवास पर ले जाने की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियाें ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
टिहरी गढ़वाल जिले के श्रीकोट गांव में 26 अप्रैल की रात शादी समारोह में कुछ दबंग युवकों ने बसाण गांव निवासी जितेंद्र दास को बुरी तरह मारापीटा था। पिटाई में जितेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। 27 अप्रैल की सुबह बेहोश होने के बाद से जितेंद्र अंतिम सांस तक होश में नहीं आया। जितेंद्र की बहन पूजा ने इस मामले में कैंपटी थाने में हमलावर गजेंद्र, सोबन सिंह, कुशाल, गंभीर, हुकुम सिंह, हरविंदर और गब्बर के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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सीओ नरेंद्रनगर उत्तम सिंह भी कई दिन से जितेंद्र के बयान लेने को देहरादून में डेरा डाले थे, लेकिन होश में न आने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके। रविवार तड़के पांच बजे के करीब जितेंद्र की मौत हो गई। इसके बाद बसाण और श्रीकोट गांव में तनातनी का माहौल बन गया। मां गीता देवी और बहन पूजा के विलाप से पूरा गांव गमगीन हो गया। वहीं जितेंद्र की मौत की खबर मिलते ही श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों और परिचिताें ने भी रोष जताया। लोगों का आरोप था कि दबंगाें का यह रास नहीं आया कि अनुसूचित जाति का युवक उनके सामने बैठ कर खाना खा सकता है। आरोपियाें ने जातिसूचक शब्दाें से अपमानित करके बेकसूर जितेंद्र को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पूरे मामले में पुलिस का रवैया भी आपत्तिजनक रहा। पुलिस ने किसी आरोपी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया गया। आरोपी लगातार पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकी देकर आतंकित कर रहे हैं। अस्पताल पहुंचे जिला पंचायत सदस्य अमरेंद्र बिष्ट और जबर सिंह आदि ने पुलिस अधिकारियाें से बात कर नाराजगी जताई। रविवार शाम मेडिकल बोर्ड गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई।

शादी समारोह में हुई घटना को लेकर पुलिस गंभीर है। पहले से मारपीट को लेकर मुकदमा दर्ज है। एसपी टिहरी को हमलावरों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

नामजद आरोपियाें की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मारपीट के मुकदमे को हत्या में तरमीम कर अग्रिम कार्रवाई कर जाएगी। विवेचनाधिकारी सीओ पीड़ित पक्ष के घर और अस्पताल भी जा चुके हैं।
-योगेंद्र सिंह, एसपी टिहरी

यह था पूरा घटनाक्रम
नैनबाग तहसील के श्रीकोट निवासी प्रदीप दास की 26 अप्रैल को शादी थी। सुबह प्रदीप की बरात श्रीकोट से जौनपुर क्षेत्र के ललोटना गांव गई थी। इसी दिन बरात वापसी के बाद रात में प्रदीप ने पार्टी दी थी। पार्टी के दौरान क्षेत्र के कुछ दबंग युवक भोजन कर रहे थे। दूल्हे प्रदीप के रिश्ते का चाचा जितेंद्र दास (23) निवासी बसाण (टिहरी गढ़वाल) उनके सामने कुर्सी लगाकर खाना खाने लगा। आरोप है कि अनुसूचित जाति के युवक के सामने बैठकर खाना दबंगाें को नागवार गुजरा। इसी बात से नाराज होकर इन दबंगाें ने जितेंद्र की कुर्सी पर लात मारकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी। इसके अलावा दबंगों ने समारोह के बाहर ले जाकर भी जितेंद्र को पीटा। अगले दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे नैनबाग स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के कारण जितेंद्र को 27 अप्रैल को देहरादून के श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार सुबह पांच बजे उसकी मौत हो गई।
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पूरा नहीं हो पाया बहन की शादी का सपना
जितेंद्र के ऊपर ही बुजुर्ग मां गीता, 20 वर्षीय बहन पूजा और 12 साल के भाई के पालन पोषण करने का जिम्मा था। वह मजदूरी कर गुजर बसर करता था। जितेंद्र अपनी बहन की शादी की तैयारी में लगा था, लेकिन जितेंद्र का यह सपना अधूरा ही रह गया। जितेंद्र की मौत से परिवार पर आजीविका का संकट आ गया है।
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