ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
कम्प्यूटर युक्त डिजिटल बोर्ड के खराब होने और सेवाएं न देने पर उपभोक्ता फोरम ने एजुकाम सॉल्यूशन कंपनी को उपभोक्ता को दो लाख 22 हजार रुपये के भुगतान का आदेश दिया है।
अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि चिल्ड्रन सीनियर एकेडमी के तत्कालीन प्रधानाचार्य एसके जैन ने एजुकाम सॉल्यूशन कंपनी के प्रस्ताव और स्कूल में दिए गए डिमोस्ट्रेशन के आधार पर पांच डिजिटल क्लास रूम शुरू करने के लिए संबंधित कंपनी को एक लाख पांच हजार रुपये का भुगतान किया था। उक्त कंपनी ने डिजिटल बोर्ड के काम न करने और समुचित सेवाएं न देने की कई बार शिकायत करने पर एजुकाम सॉल्यूशन कंपनी ने बेहतर सेवा देने का वायदा करके कुल दो लाख 10 हजार रुपये के डिजिटल बोर्ड सेवा के एवज में और 4662 रुपये टीडीएस के 2565 रुपये ब्रॉडबैंड के ले लिए। फिर भी डिजिटल बोर्ड शो पीस ही बने रहे। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। परेशान होकर एकेडमी ने कंपनी से अपनी सेवाएं वापस लेने को कहा तो कंपनी अपने सारे बोर्ड और अन्य सामान वापस ले गई लेकिन कई बार शिकायत के बाद भी ली गई धनराशि का भुगतान नही किया। इस पर एकेडमी ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष कुंवर सैन, सदस्य विपिन कुमार और अंजना चड्ढा ने सुनवाई के बाद उक्त मामला उपभोक्ता सेवा में कमी का पाया। एजुकाम सॉल्यूशन कंपनी को डिजिटल बोर्ड की पर्याप्त सेवा न देने की बाबत चिल्ड्रन सीनियर एकेडमी को एक माह के अंदर उसके दो लाख दस हजार रुपये, टीडीएस के 4662 रुपये और ब्रॉडबैंड शुल्क 2565 रुपये के साथ ही वाद व्यय के रूप मे पांच हजार रुपये का मय छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करने का फैंसला सुनाया।