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सरेंडर के बाद भी नाबालिग को बुलंदशहर से उठा लाई पुलिस

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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बाइक चोरी के मामले में जुवेनाईल कोर्ट में सरेंडर करने के बावजूद मसूरी पुलिस एक नाबालिग आरोपी को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर ले आई। यह आरोप नाबालिग के परिजनों ने लगाया है। यह भी आरोप है कि जब घरवालों ने सरेंडर लेटर पुलिस को दिखाया तो पुलिस ने उसे भी फाड़ दिया। परिजनों ने इस संबंध में एसएसपी से शिकायत की है। इधर, मसूरी पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।
मामला 25 जून की तड़के हुई बाइक चोरी की वारदात से जुड़ा है। मसूरी पुलिस ने इस मामले में चार जुलाई को कुछ आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 12 बाइकें बरामद करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार मामले में एटा निवासी एक नाबालिग आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस की एक टीम 19 जुलाई को एटा पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों का कहना है कि पुलिस की दबिश के बाद वे 20 जुलाई को देहरादून स्थित जुवेनाईल कोर्ट पहुंचे और उसका सरेंडर करा दिया। सरेंडर के बाद कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ने मसूरी पुलिस से 26 जुलाई तक रिपोर्ट तलब की। आरोप है कि 21 जुलाई को पुलिस टीम फिर से आरोपी के घर पहुंची और उसके पिता को उठा लिया। उन्होंने सरेंडर लेटर भी दिखाया, लेकिन पुलिस ने इसे भी फाड़ डाला। इसके बाद पुलिस उसके पिता की निशानदेही पर डिबाई बुलंदशहर से नाबालिग आरोपी को पकड़कर देर रात मसूरी ले आई। बताया जा रहा है कि यहां पुलिस ने पूछताछ के बाद नाबालिग आरोपी को छोड़ दिया।
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सीसीटीवी में दिख रहा है नाबालिग
मसूरी कोतवाल भावना कैंतूरा का कहना है कि नाबालिग आरोपी ही मुख्य आरोपियों में से एक है। वह 25 जून को तड़के बाइक का लॉक तोड़ते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है। जब पुलिस मौके पर पहुंची थी तब वह फरार हो गया था। उसके पिता या परिजनों ने कोई भी दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखाया है। पुलिस उसे गिरफ्तार करके नहीं बल्कि पूछताछ के लिए उसके पिता के साथ मसूरी लेकर आई थी। जरूरी पूछताछ के बाद रविवार शाम को नाबालिग को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।
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