ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
भाजपा नेता के करीबी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत करने में एक महिला खुद ही फंस गई। महिला ने कुछ युवकों से सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये लेकर नेता के करीबी को देने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच में प्रथमदृष्टया महिला ही आरोपी निकली और नौकरी के नाम पर 13 लोगों से करीब 35 लाख रुपये लेकर किसी अन्य को देने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को एक युवक की तहरीर पर महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
बता दें, बबिता रानी वर्मा निवासी शिमला बाईपास रोड सोमवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती के पास शिकायत लेकर पहुंची थी। बबिता का आरोप था कि भाजपा नेता के एक करीबी ने सचिवालय व कोर्ट में कुछ युवकों की नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसी आधार पर बबिता ने 13 लोगों से करीब 35 लाख रुपये लेकर कथित भाजपा नेता के करीबी को दे दिए। काफी दिनों तक युवकों की नौकरी नहीं लगी तो युवकों ने रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। इसके बाद कथित भाजपा नेता के करीबी से संपर्क किया तो वह टाल-मटोल करने लगा। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि जांच में प्रथमदृष्ट्या बबिता रानी वर्मा के खिलाफ ही सबूत मिले हैं। युवकों ने रुपये बबिता को ही दिए था। इस मामले की जांच नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को दी गई थी। इसके अलावा एक पीड़ित युवक ने बबिता के खिलाफ तहरीर दी है। इसी तहरीर के आधार पर बबिता के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला करीब 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का बताया जा रहा है।
ऐसे दर्ज हुआ मुकदमा
मदन मोहन जोशी निवासी सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीन पहले एक परिचित महिला ने बबिता रानी वर्मा से पहचान कराई थी। बातचीत के दौरान बबिता ने सात लाख रुपये में कोर्ट में नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसके लिए आधी रकम एडवांस और आधी रकम नौकरी लगने की स्थिति में देने को कहा। बबिता के झांसे में आकर मदन मोहन ने साढ़े तीन लाख रुपये दे दिए। इसके बाद बबिता ने चयन प्रक्रिया में कुल तीन महीने का समय मांगा था। तीन महीने के बाद नौकरी न मिलने पर मदन मोहन ने रकम वापस मांगी तो बबीता ने रकम वापस करने से इनकार कर दिया।
सचिवालय में नौकरी लगवाने संबंधी कुछ अन्य मामले
चार जून 2018-संदीप नाम के युवक को सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा। आरोपी युवक ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई युवकों से रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए थे। इस मामले में धारा चौकी में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में करीब 20 से ज्यादा भुक्तभोगी बेरोजगारों के नाम आ चुके हैं।
15 मार्च 2018-हरिद्वार में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। बेरोजगारों से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में वसंत विहार देहरादून के दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
एक अप्रैल 2018-शहर कोतवाली देहरादून में अरविंद कंसल नाम के एक युवक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विनय भट्ट निवासी कोटद्वार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पुलिस आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है।