साहब सिंह सैनी के खिलाफ जांच के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी की मुसीबत और बढ़ सकती हैं। चुनाव के दौरान संपत्ति का ब्यौरा देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ जांच कराने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश उनकी पहली पत्नी सुमित्रा की याचिका पर दिए हैं।
गौरतलब है कि सहारनपुर निवासी सपा नेता व उत्तर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी के खिलाफ देहरादून की फैमिली कोर्ट में भी बहुविवाह का मामला चल रहा है। इस संबंध में उन्होंने एक अप्रैल 2015 को आत्मसमर्पण किया था। इस बीच उनकी पहली पत्नी सुमित्रा ने राज्य चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश से सूचना के अधिकार के तहत उनके हलफनामे की सूचना मांगी थी। दून में सुमित्रा के अधिवक्ता संजीव शर्मा ने बताया कि चुनाव के वक्त साहब सिंह सैनी ने शपथ-पत्र में कुछ संपत्ति को अपनी पत्नी के नाम दर्शाया था। मगर शपथपत्र में पत्नी के नाम का जिक्र नहीं किया था। इसके बाद जब इन संपत्तियों की जांच की गई तो पता चला कि यह रीटा सैनी के नाम पर हैं। जबकि देहरादून फैमिली कोर्ट में उन्होंने शपथ-पत्र दिया है कि उनकी रीटा सैनी नाम की कोई पत्नी नहीं है। इस संबंध में सुमित्रा की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर की गई थी। याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने झूठा शपथ-पत्र देने के मामले में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को साहब सिंह सैनी की जांच कराने के आदेश दिए हैं।