अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की/भगवानपुर। धीरमजरा गांव के जंगल में लावारिस मिले एक महिला के शव की शिनाख्त करते हुए पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। आरोपी के भाई और पिता की कुछ समय पहले एक हादसे में मौत हो चुकी थी, लेकिन उसे शक था कि गांव के दो लोगों ने उनकी हत्या की है। पुलिस पड़ताल में दोनों निर्दोष पाए गए, बावजूद आरोपी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं था। इसलिए दोनों आरोपियों को फंसाने के लिए उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इससे पहले आरोपी ने पत्नी की हत्या की आशंका में पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने रुड़की स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि शव की पहचान सोनी (पुत्री चंद्रहास प्रसाद निवासी पटना बिहार) के रूप में हुई है। सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि महिला का हत्यारोपी खानपुर चौक के पास खड़ा है। पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार उर्फ रोशन (पुत्र अरुण कुमार निवासी भेडिया थाना मंडी जिला नालंदा बिहार) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने पत्नी सोनी की हत्या कर शव जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया आरोपी के भाई और पिता की पूर्व में एक हादसे में मौत हो चुकी है। इस पर आरोपी को अब भी शक है कि गांव के कुछ लोगों ने उसके पिता और भाई की हत्या की है। इसके लिए उसने पुलिस से भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी। उसके बाद आरोपी ने उन दोनों को फंसाने के लिए अपनी पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ने बिहार में अपने पत्नी द्वारा पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी दिलवाया था। जिसमें उसने अपनी हत्या करने का अंदेशा उक्त दो लोगों पर जताते हुए कार्रवाई की मांग की थीं। मंगलवार को हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त औजार बरामद कर लिया है। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।
खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष भगवान मेहर, एसआई भवानी शंकर पंत, एसआई अजय शाह, एसआई प्रवीण रावत, बलविंद्र सिंह, अशोक कुमार मौजूद थे। एसपी देहात ने बताया कि एसएसपी ने खुलासा करने वाले टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
कोर्ट से भी हो चुका है आरोपी फरार
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी ने 1997-98 में दादी-चाचा की हत्या एक व्यक्ति को झूठा फंसाने के लिए की थी। वर्ष 2000 में वह हिल्सा कोर्ट से पेशी के दौरान फरार हो गया था। बिहार पुलिस से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। पत्नी की हत्या करने के बाद भी उसने गांव के एक व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। मालूम हो कि युवती के शव के पास से पर्स में एक कागज बरामद हुआ था, जिसमें पुलिस और कोर्ट से शिकायत कर चार लोगों पर हत्या का अंदेशा जताया था।