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नाबालिग से नहीं भरा दिल तो उसकी छोटी बहन से भी कर डाली हैवानियत, अदालत ने दी ये सजा

Wed, 18 Oct 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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युवक ने पहले एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इसके बाद जब उसने घर में सब कुछ बता दिया तो उसने उसकी छोटी बहन से भी हैवानियत कर डाली। इस मामले में अब अदालन ने अपना ये फैसला सुनाया है।
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अदालत ने राजपुर क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों से अलग-अलग घटनाओं में दुराचार करने वाले नेपाल के एक व्यक्ति को 17 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को दोनों सजाएं अलग-अलग काटनी होंगी। यही नहीं 94 हजार रुपये के अर्थदंड में 25-25 हजार रुपये दोनों पीड़िताओं को देने के आदेश दिए हैं।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक राजपुर क्षेत्र में किराये के मकान में रहने वाले नेपाल निवासी सूरज श्रेष्ठ ने 24 अक्तूबर 2014 में सबसे पहले 16 वर्षीय बड़ी बहन को हवश का शिकार बनाया था। तबीयत बिगड़ने के कारण पीड़ित किशोरी चार दिन तक अस्पताल में रही, मगर आरोपी द्वारा आतंकित किए जाने के कारण वह अपना मुंह नहीं खोल पाई थी।
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इसके बाद आरोपी ने एक नवंबर को जमनीवाला के जंगल में ले जाकर पीड़िता की 11 वर्षीय छोटी बहन से दुराचार किया। पीड़ित ने तीन दिन बाद अपनी मां और बुआ को इसकी जानकारी दी तो मामला पुलिस तक पहुंच गया।
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इसके बाद बड़ी बहन ने भी उत्पीड़न की दास्तां बताई तो पूरा परिवार सकते में आ गया। इस मामले में चार नवंबर 2014 को आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस का आरोप पत्र आने के बाद इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज पोस्को की न्यायाधीश रमा पांडेय की कोर्ट में हुई। दोनों पीडिताएं 164 के बयान पर अडिग रहीं।

डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट भी आरोपी के खिलाफ गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की कहानी को सही मानते हुए आरोपी को दोषी माना है। बड़ी बहन के मामले में सात साल और छोटी बहन से दुराचार में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि दोनो सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
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