हर बच्चे को मिले शिक्षा का मौका : डीजीपी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का कहना है कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है। हर बच्चे को शिक्षा का मौका देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपरेशन मुक्ति में 637 बच्चाें को भीख मांगने की राह से हटाकर स्कूलों तक पहुंचाना बड़ी उपलब्धि है।
डीजीपी रतूड़ी शुक्रवार को बच्चों की भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए दून में दो माह चले अभियान ‘आपरेशन मुक्ति’ के समापन पर बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि समाज में काफी लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में उनके बच्चाें को शिक्षा के अवसर नहीं मिल पाते हैं। उन्हाेंने 637 बच्चाें को शिक्षा का अधिकार देने पर डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार और पूरी पुलिस टीम की सराहना की। डीजी अशोक कुमार ने बताया कि यह अभियान एक मई से लेकर 30 जून तक एनजीओ के सहयोग से चलाया गया है। अब यह मुहिम हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में चलाई जाएगी।
आपरेशन मुक्ति के प्रभारी सीओ सिटी शेखर सुयाल ने अभियान में आई दिक्कताें और कामयाबी के बारे में जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि शहर क्षेत्र में करीब 292 बच्चाें को चिन्हित किया गया था। इनमें से 68 बच्चाें को सामाजिक संगठनों के सहयोग से विभिन्न स्कूलाें में एडमीशन दिलाया गया है। इनमें से एक दिव्यांग भी शामिल है। सीओ ने बताया कि इन बच्चाें के परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने को लेकर शासन स्तर पर प्रस्ताव लंबित है। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था दीपम सेठ, डीआईजी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, अपर पुलिस अधीक्षक कानून व्यवस्था ममता बोहरा मौजूद रहीं। इस दौरान डीजीपी और अन्य अधिकारियों ने बच्चाें को उपहार भेंट किए।
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इनका हुआ सम्मान
डीजीपी ने आपरेशन मुक्ति में सराहनीय कार्य करने पर टीम प्रभारी उप निरीक्षक विनीता चौहान और उप निरीक्षक राकेश भट्ट को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अभियान में सहयोगी स्वयंसेवी संस्था मंगलम, अपना परिवार, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सुदामा प्रसाद जायसवाल, सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिभा नैथानी, एनआईवीएच की प्रधानाचार्य गीतिका माथुर को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।