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12 हजार रुपये खर्च कर 25 गुणा ले उड़े

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12 हजार रुपये खर्च कर 25 गुणा ले उड़े
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। महामाया टूर्स एवं ट्रेवेल्स के संचालक श्रीयम अग्रवाल को ठगने के लिए होटल के कांफ्रेंस रूम को 12 हजार रुपये में बुक कराया था। इस राशि के पूंजी निवेश के बदले आरोपी 25 गुणा उड़ा ले गए। अग्रवाल को शिकार बनाने से पहले ठगों ने वीआईपी की तरह उनका स्वागत किया। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन और पुलिस जांच में यह तस्वीर सामने आई हैं। बड़ी बात यह है कि अग्रवाल ने रकम देने से पहले डॉलर तक देखने की जरूरत महसूस नहीं की। सब कुछ ठगों की रणनीति के अनुरूप होता चला गया। अग्रवाल कांफ्रेंस रूम में डालर का इंतजार करते रह गए और ठग तीन लाख रुपये लेकर फुर्र हो गए।
ऋषिकेश के कुंज बिहारी मार्ग निवासी और महामाया टूर्स एवं ट्रेवेल्स के संचालक चंद्रप्रकाश अग्रवाल के बेटे श्रीयम अग्रवाल के बेटे की ठगी की कहानी बेहद दिलचस्प है। सोमवार शाम साढ़े चार बजे के करीब श्रीयम के फोन पर जस्ट डॉयल से कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि मैं लेमोंट्री होटल पैसेफिक माल से बोल रहा है। हमारे यहां एक ग्रुप ठहरा हुआ है और उन्हें कुछ विदेशी करेंसी चेंज करानी है। अग्रवाल ने फोन करने वाले को सीधे मोबाइल पर फोन करने को कहा। कॉल करने वाले ने खुद का नाम अभिषेक बताया। में होटल के एकाउंट डिपार्टमेंट से हूं और मेरे यहां ठहरे ग्रुप को चेकआउट करना है। उनके पास इंडियन करेंसी नहीं है। वे विदेशी करेंसी डालर को चेंज करना चाहते हैं। श्रीयम अग्रवाल का जवाब था कि वह सात बजे से पहले होटल नहीं आ सकते है। इसके बाद अग्रवाल साढे़ सात बजे होटल पहुंचे तो वहां ठगों के एक साथी ने गेट पर उनकी अगवानी की।
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रिपोर्ट में अग्रवाल ने बताया कि वह शख्स उन्हें कांफ्रेंस रूम में ले गया, जहां पर उनकी मुलाकात दूसरे शख्स से कराई गई। जो होटल के अफसर वाली ड्रेस में था। झांसे में आकर मैंने तीन लाख रुपये उसे थमा दिए। वह शख्स उन्हें कांफ्रेंस रूम में बैठाकर विदेशी मुद्रा लाकर देने का आश्वासन देकर चला गया। करीब 17 मिनट तक अग्रवाल इंतजार करते रहे। जब आरोपी वापस नहीं आया तो होटल रिसेप्शन से बात की गई। पता चला कि आरोपी का होटल स्टाफ से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि ठगों ने दिन में होटल के कांफ्रेंस रूम को 12 हजार रुपये में बुक कर लिया था, लेकिन होटल कर्मचारियों ने ठगों से किसी तरह की आईडी नहीं ली। दूसरा श्रीयम अग्रवाल ने भी डॉलर देखे बिना ही ठग को रकम थमा दी। होटल के सीसीटीवी फुटेज में ठगों की चहलकदमी साफ दिख रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
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तीन घंटों में 15 बार कॉल
डॉलर के नाम पर ठगी करने वालों को ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक को शिकार बनाने का बेसब्री से इंतजार था। ठगों की तरफ से श्रीयम अग्रवाल को शाम साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे के बीच 15 कॉल की गई थी। यह स्थिति तब थी कि जब अग्रवाल शाम सात बजे से पहले न आने की बात बार-बार कर रहे थे। अग्रवाल के ज्यादा सवाल न किए जाने के कारण ठग इस बात से पूरी तरह आश्वस्त थे कि ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक आसानी से शिकार बन जाएगा।
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