ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी परिसर से सोमवार को लापता हुए बीटेक के द्वितीय वर्ष के छात्र धनंजय बोहरा का शव मंगलवार को गहरी खाई से बरामद किया गया। मौके से किसी तरह का सुसाइड तो नहीं मिला है, लेकिन पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है।
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी धनंजय बोहरा (21) प्रेमनगर के बिडौली स्थित पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष का छात्र था। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में कम नंबर आने के कारण बोहरा तनाव में चल रहा था। धनंजय सोमवार शाम सात बजे के करीब हॉस्टल से गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस के साथ धनंजय के रिश्तेदार भी सुबह दून पहुंच गए। धनंजय अपना मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम और अन्य आईडी कमरे पर छोड़कर गया था। मामा मदन सिंह धोनी निवासी पंडितवाड़ी की तरफ से देर रात बोहरा की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी। धनंजय के पिता मनीराम बोहरा बैंक अधिकारी हैं।
प्रेमनगर एसओ नरेंद्र गहलावत ने बताया कि मंगलवार तीसरे पहर धनंजय का शव यूनिवर्सिटी के पीछे खाई में पड़ा मिला। काफी प्रयासों के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा। जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि गायब होने से पहले धनंजय लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम और दूसरी आईडी छोड़कर गया था। दूसरे सेमेस्टर में कम नंबर आने के कारण भी वह तनावग्रस्त था। हालांकि हॉस्टल में तलाशी के दौरान किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।