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दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बिना अनुमति नहीं जा सकेंगे पर्वतारोही

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प्रतीकात्मक
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दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बिना अनुमति नहीं जा सकेंगे पर्वतारोही
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड आने वाले पर्वतारोही अब एसडीआरएफ अथवा आपदा टीम से अनुमति लेकर ही दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जा सकेंगे। नंदा देवी फतह करने निकले आठ विदेशी पर्वतारोही के लापता होने के बाद राज्य सरकार को इस तरह का प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। इसी कड़ी में पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को पर्यटन विभाग के साथ मिलकर गाइड लाइन तैयार करने का फैसला लिया, ताकि पर्वतारोही रेस्क्यू टीम के संपर्क में रहें।
उत्तराखंड में साहसिक गतिविधियों के लिए देश-विदेश से पर्यटक ट्रेकिंग और एडवेंचर के लिए आते हैं। इसके लिए अभी तक किसी प्रकार की रोक टोक नहीं है। जिस वजह से ट्रेकिंग रूट और मौसम की जानकारी न होने के कारण पर्यटकों के लापता होने या फंसने की घटनाएं होती हैं। प्रदेश में टूरिज्म का विकास होने के साथ गंगोत्री, नंदा देवी, रुद्रनाथ, कुंभनाथ, मदमहेश्वर आदि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्राें में पर्वतारोहियों की रुचि बढ़ी है। देश के तमाम हिस्सों के अलावा विदेशियों का पूरे साल यहां आवागमन रहता है। उत्तराखंड आने वाले पर्वतारोही की जानकारी एसडीआरएफ अथवा आपदा टीम को नहीं होती है। अक्सर पर्वतारोहियों के दुर्गम इलाकों में फंसने के बाद एसडीआरएफ की मदद ले जाती है। हर साल पर्वतारोहियों के फंसने की 15-20 घटनाएं होती हैं।
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हाल ही में नंदा देवी फतह करने निकलने आठ विदेशी पर्वतारोही लापता हो गए। ब्रिटेन निवासी टीम लीडर मार्टिन मोरिन के अगुवाई में पर्वतारोहियों का 12 सदस्यीय दल 13 मई को नंदा देवी फतह करने निकला था। इनमें से आठ सदस्यीय दल दुर्गम क्षेत्र में कहीं लापता हो गया।
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इसी परिपेक्ष्य में पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने शनिवार को एसडीआरएफ के पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल के साथ मंथन किया। बताया गया कि उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले पर्वतारोहियों के आने का यहां कोई रिकार्ड नहीं होता है। पर्वतारोहियों की तरफ से भी किसी तरह की सूचना नहीं दी जाती है। निर्णय लिया गया कि पर्यटन विभाग से मिलकर ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्वतारोहियों का रिकार्ड रहे। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पर्वतारोही रेस्क्यू टीम के संपर्क में रहें। माना जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों के मंथन के बाद आने वाले दिनों में पर्वतारोहियों को लेकर किसी तरह की गाइड लाइन जारी हो सकती है।
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