ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। पॉक्सो कोर्ट ने हाईस्कूल की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में दस साल के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने में 10 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं। यह राशि अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र में हेयर ड्रेसर की दुकान करने वाले पुरकाजी निवासी मोमिन उर्फ साहिल के खिलाफ 14 अप्रैल 2018 के खिलाफ नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें बताया गया कि आरोपी ने पहले पीड़ित छात्रा को बहला-फुसलाकर अपनी दुकान में बुलाया उसके बाद उससे दुष्कर्म कर डाला। साथ ही आरोपी की ओर से धमकाने पर काफी दिन तक छात्रा दहशत में रही। कुछ दिन बाद पेट में दर्द की शिकायत पर पीड़िता ने मां को घटनाक्रम से अवगत कराया। इससे नाराज परिजनों ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद पुलिस ने पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। पॉक्सो कोर्ट में 20 अगस्त को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरोकारी करते हुए नौ गवाह पेश किए गए। हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि शिकायतकर्ता परिवार से मोमिन का लेन-देन का विवाद था। जिसकी वजह से उसे साजिश के तहत फंसाया गया। पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रमा पांडेय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद आरोपी मोमिन को दोषी करार दिया। कोर्ट ने बहस के बाद दोषी को दस साल के कारावास और 20 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।