ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। चार महीने से पुलिस जिन आरोपियों पर शिकंजा नहीं कस पाई वह गैंग सहित शिकायतकर्ता को धमकाने के लिए उनके घर तक पहुंच गए। शुक्रवार को पीड़ित के घर पहुंचकर उसने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी है। फिलहाल मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है। शुक्रवार को तपोवन निवासी संजीव कुमार पांडेय ने मुनिकीरेती थानाध्यक्ष को तहरीर दी कि प्रदीप कुमार नामक युवक ने उसे जान से मारने की धमकी दी है।
उन्होंने बताया कि उक्त युवक पूर्व में अवैध वसूली और प्रताड़ना के षडयंत्र में नामजद है, तथा वर्तमान में फरार चल रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक प्रदीप उनके घर आ धमका। वह घर पर नहीं होने के कारण वह योग सेंटर पहुंचे। आरोपी ने उससे मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी। संजीव पांडेय के मुताबिक जिस दौरान आरोपी उन्हें धमका रहे थे, उसी समय उनसे मुलाकात के लिए गाजियाबाद की लोनी से विधायक नंद किशोर भी योग केंद्र अचानक पहुंचे।
विधायक के साथ सुरक्षा गार्ड होने के कारण आरोपी डरकर फरार हो गए। उधर, थानाध्यक्ष मुनिकीरेती आरके सकलानी ने बताया कि संजीव कुमार पांडेय की लिखित तहरीर के आधार पर प्रदीप कुमार सहित अन्य दो के खिलाफ धमकी देने, गाली गलौच का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यह है मामला
संजीव पांडेय तपोवन में वेदांसा इंटरनेशनल योगा सेंटर का संचालन करते हैं। 27 जुलाई को खुद को एलआईयू सब इंस्पेक्टर कहने वाली दीपा रानी अपने साथियों राकेश कुमार, नितिन ठाकुर, अभिषेक, प्रदीप कुमार और दीपिका के साथ उनके सेंटर पर आ धमके थे। नशीली दवाओं की तस्करी का आरोप लगाते हुए सभी ने वर्दी का रोब झाड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान अवैध वसूली की कोशिश भी हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रदीप पूर्व के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट से स्टे पर है।