ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। कहने को तो ऋषिकेश में मदिरा पूर्ण तौर पर निषेध है, लेकिन शाम ढलते ही शहर में जगह-जगह शराबियों की महफिलें जमनी शुरू हो जाती है। चंद्रेश्वर मंदिर मेन रोड किनारे भी आजकल शराबियों का अड्डा बना हुआ है। परेशान चंद्रेश्वर सुधार समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को कोतवाली में ज्ञापन देकर शराबियों के धरपकड़ की मांग की है। बृहस्पतिवार को चंद्रेश्वर सुधार समिति के सदस्य एडवोकेट राजेश कुमार ने बताया कि अक्सर चंद्रेश्वर मंदिर मेन रोड किनारे शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। वह खुलेआम यहां पर शराब पीते हैं।
रोकने टोकने पर शराबी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। समिति का आरोप है कि ऐसा ही एक वाकया दो दिन पूर्व क्षेत्र में घटित हुआ। यहां रामजी की खुली दुकान में कुछ लोग शराब पी रहे थे तथा आने जाने वाले लोगों के साथ अभद्रता कर रहे थे। सूचना पाकर चंद्रेश्वर सुधार समिति के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर इन लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया। इस पर नशे में धुत शराबियों ने समिति के सदस्यों के साथ गाली गलौच शुरू कर दी।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि चंद्रेश्वर नगर में रोजाना शराबी खुलेेआम सड़क किनारे शराब पीने के बाद गाड़ियों के प्रेशर हार्न बजाकर अभद्रता करते हैं। समिति ने मांग की है कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ पुलिस तुरंत कार्रवाई करे। ज्ञापन देने वालों में श्रीकांत, मनोज कुमार, विजय कुमार, कृष्णा, महावीर प्रसाद, मुकेश राजभर, श्याम बिहारी आदि लोग मौजूद थे।
13 मनचलों को पकड़ परिजनों को सौंपा
कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को त्रिवेणी घाट, साईं घाट, बैराज आईडीपीएल क्षेत्र से लगे आस्था पथ पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने इन सभी जगहों से कुल 13 युवक युवतियों को बुलाकर जानकारी ली। पूछताछ में पता चला कि यह सभी युवक युवतियां अपने घर से बिना बताए यहां पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस ने सभी को थाने लाकर उनके परिजनों को सूचित किया तथा भविष्य में दोबारा से इस प्रकार आस्था पथ पर नहीं दिखाई देने की हिदायत देते हुए परिजनों को सौंपा।
यहां टकराते हैं जाम
ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन, एफसीआई गोदाम के आगे मैदान में, इंद्रानगर से रेलवे स्टेशन की ओर आने वाला मार्ग, सोमेश्वर मंदिर के मैदान, गुल्हाटी प्लाट, चंद्रभागा पुल के नीचे, बस अड्डा, पुराना बस अड्डा, स्टर्डिया से लगा आस्थापथ ऐसी जगह हैं जहां पर शाम ढलते ही जाम टकराने शुरू हो जाते हैं। यहां गरीब परिवारों से लेकर रईस घरों तक के लड़के देर रात शराब पीते दिखते हैं। सामाजिक संस्थाएं भी शिकायतें करके थक गई हैं, लेकिन पुलिस छोटी-मोटी कार्रवाई करके पल्ला झाड़ लेती है।