ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। शीशमझाड़ी स्थित स्वामी नारायण घाट पर गंगा का आचमन करने पहुंची एक बुजुर्ग महिला तेज जलधारा की चपेट में आकर बह गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह महिला को गंगा से जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला। महिला को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुनिकीरेती पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह करीब नौ बजे ढालवाला निवासी रामप्यारी (65) पत्नी सच्चिदानंद बहुगुणा शीशमझाड़ी में स्वामी नारायण घाट पर रोजाना की तरह गंगा का पूजन और आचमन करने पहुंची थी। गंगा जल के आचमन के दौरान अचानक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह गंगा की तेज जलधारा में बह गई। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को बहते हुए देखा, तो उन्होंने भी गंगा में छलांग लगा दी। लोगों ने बामुश्किल महिला को तेज जलधारा से जूझकर नदी से बाहर निकाला।
बेहोशी की हालत में उसे सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। इसके साथ ही घटना की जानकारी मुनिकीरेती पुलिस को दी गई। अस्पताल में महिला के शरीर में अधिक पानी जाने की वजह से उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष आरके सकलानी ने बताया कि महिला के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बताया कि रामप्यारी मूलरूप से ग्राम जौगात, पट्टी दिचली, थाना चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी की निवासी थी और वह ढालवाला में किराए के मकान में रह रही थी। बताया कि बारिश की वजह से गंगा गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, लिहाजा उन्होंने लोगों से गंगा पूजन और आचमन के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की है।