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दोस्तों ने ही ली सत्यप्रकाश की जान

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दोस्तों ने ली थी सत्यप्रकाश की जान
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दोनों आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त स्कूटी और वायर बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। नेहरुग्राम निवासी सत्यप्रकाश की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में सत्य प्रकाश के दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त स्कूटी और वायर बरामद कर लिया है। दोनों आरोपी शराब की अवैध बिक्री के कारोबार से जुड़े हैं।
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी के मुताबिक सत्य प्रकाश त्यागी (36) पुत्र रतिराम त्यागी निवासी नेहरुग्राम, इंदिरानगर, ऋषिकेश का उसके दोस्त सुधीर कुमार पुत्र वीर सिंह और पंकज अग्निहोत्री पुत्र अशोक कुमार दोनों निवासी निवासी ढालवाला, मुनिकीरेती से बीते एक अगस्त को झगड़ा हुआ था। इसके बाद सत्यप्रकाश उनसे माफी मांगने के लिए पहुंचा था। तीनों ने पहले मिलकर शराब पी और इसके बाद फिर से सत्यप्रकाश का उनके साथ झगड़ा हो गया। गाली-गलौच और हाथापाई होने से नाराज सुधीर और पंकज ने सत्यप्रकाश की हत्या की ठान ली। इसके बाद आरोपी सत्यप्रकाश को स्कूटी पर बैठाकर टीएचडीसी कॉलोनी जाने वाली सड़क पर ले गए। यहां सभी ने फिर से शराब पी। इसके बाद स्कूटी से वायर के सहारे दोनों ने गला घोंटकर सत्यप्रकाश की हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपियों ने सत्य प्रकाश का शव रेल लाइन के किनारे नाले में फेंक दिया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास से स्कूटी और वायर बरामद कर ली गई है। आरोपियों को बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी, एसएसआई अमरजीत सिंह, एसआई चिंतामणि मैठाणी, कांस्टेबल नवनीत सिंह, मनोज कुमार, अमनदीप, संदीप छाबड़ी, विकास मलिक, अनिल, संजय डबराल आदि शामिल थे।
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सत्यप्रकाश के भाई को बेचते थे शराब
हत्यारोपी सुधीर और पंकज शराब तस्करी में संलिप्त हैं। दोनों आरोपी सत्यप्रकाश के भाई अनिल त्यागी को शराब सप्लाई किया करते थे।
सामान्य मौत दिखाने का बनाया था षड़यंत्र
हत्या की वारदात को सामान्य मौत दिखाने के लिए आरोपी सुधीर और पंकज ने षड़यंत्र रचा। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को पूछताछ में बताया कि सत्यप्रकाश शराब पीने का आदि था। बताया कि उसे मिर्गी के दौरे भी पड़ते थे। हत्या के बाद उसे शव को नाले में डाल दिया। योजना हत्या को नशा में नाले में गिरकर मिर्गी के दौरे से मौत दिखाने की थी।
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