ब्यूरो/अमर उजाला , ऋषिकेश।
योग अकादमी के संचालक से पांच लाख रुपये की रंगदारी प्रकरण में पुलिस छह दिन बाद भी विवेचना शुरू नहीं कर पाई है। खास बात यह है कि अभी पुख्ता साक्ष्य भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के पास नहीं है। मामले के जांच अधिकारी सीओ सिटी देहरादून का कहना है कि आरोपों की पुष्टि के लिए सबूतों को जुटाने के साथ ही उन्हें सत्यापित करने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। तपोवन में वेदांशा इंटरनेशनल योग अकादमी के संचालक डॉ. संजीव कुमार पांडे की रिश्वत के मामले की जांच मुनिकीरेती पुलिस से लेकर सीओ सिटी देहरादून चंद्रमोहन सिंह को ट्रांसफर की गई है।
बताया कि विवेचना में ही कथित इंटेलीजेंस कर्मी राकेश और नितिन ठाकुर की सही असलियत सामने आएगी। एएसपी हरीश वर्मा की जांच रिपोर्ट से भी साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जाएगा। आरोपों की पुष्टि किए बगैर किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी फिलहाल संभव नहीं है। गौरतलब है कि पुलिस ने डॉ. संजीव कुमार पांडे की तहरीर पर मुनिकीरेती पुलिस ने पुलिस ने पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा शर्मा, कथित इंटेलीजेंस कर्मी राकेश, नितिन ठाकुर और अकादमी के निष्कासित कर्मचारी अभिषेक, प्रदीप कुमार, दीपका व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था।