ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
धुमाकोट बस हादसे से राज्य सरकार ने सबक लिया है। सरकार का मकसद अधिकारियों पर कार्रवाई करना भर नहीं है, बल्कि सिस्टम को सुधारना है। कहा कि इसके लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत पड़ेगी, तो सरकार पीछे नहीं हटने वाली। यह कहना है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। वह मंगलवार को एम्स में भर्ती बस दुर्घटना के घायलों से मिलने पहुंचे थे। मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान सीएम ने कहा कि बस हादसे की जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल सरकार व्यवस्था को सुधारने में जुटी है। कोशिश है कि व्यवस्था को दुरुस्त कर इस प्रकार की खामियों को दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार-देहरादून फोरलेन निर्माण प्रदेश सरकार के लिए सिरदर्द बन गया था, जिस पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने लापरवाही में संबंधित निर्माण एजेंसी का ठेका ही निरस्त कर दिया है। लिहाजा, अब नई कंपनी को काम दिया जाएगा और इससे हाईवे के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इसके साथ ही निर्माण भी निर्धारित समय पर हो सकेगा। फोरलेन बनने के बाद लोगों को सुगम यातायात का लाभ और जाम की समस्या से छुटकारा भी मिलेगा।