फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूमाफियाओं पर कार्रवाई कतरा रहा विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
विज्ञापन

रत्तपानी और घट्टूगाड़ क्षेत्र में होटलों, गेस्ट हाउसों, बीच कैंपों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे कर ढाई सौ से पांच सौ मीटर लंबी सड़कें बना डाली। प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से भू-माफियाओं का हौसला और बुलंद हो गया है। अब नीलकंठ के समीप कोठार व धमांद ग्रामसभा के अंतर्गत पड़ने वाली सरकारी भूमि पर बिना भूमि हस्तांतरण व एनओसी के रसूखदारों ने तीन किमी. लंबी सड़क तैयार कर दी। करीब एक महीने पहले सड़क को बनाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई। बावजूद इसके संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
अवैध ढंग से बनाई जा रही सड़क के मामले में ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जेसीबी को कागजों में सीज किया जा चुका है, लेकिन आलम यह है कि आज भी सड़क बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही जेसीबी मौके पर खड़ी है। जेसीबी को सीज करने और सड़क बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए पुलिस ने सड़क का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करवाई है। खुलेआम चल रहे इस काम में कोई ठोस कार्रवाई न होने पर कहीं न कहीं पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन


एक नजर कब क्या हुआ
- बीते माह 12 मई को कोठार व धमांद ग्रामसभा के अंतर्गत सरकारी भूमि पर बनाई जा रही सड़क का निर्माण कार्य वन विभाग ने रुकवाया। संबंधित ठेकेदार ने वन विभाग को लिखित तौर पर बताया कि वह जेसीबी मशीन को मौके से हटा देगा, मगर ऐसा नहीं किया गया। जेसीबी से फिर से सड़क काटने का कार्य शुरू कर दिया गया।
- 19 मई 2018 को वन विभाग की ओर से वन संरक्षक और राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया कि सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- 27 मई को तहसीलदार द्वारा थाना लक्ष्मणझूला पुलिस को जेसीबी मशीन को सीज कर विवादित स्थान से हटाने के निर्देश दिए गए। जबकि क्षेत्रीय पटवारी की ओर से संबंधित ठेकेदार के खिलाफ थाना लक्ष्मणझूला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं।
- 9 जून को जेसीबी से आधा किमी. सड़क कटिंग का कार्य किया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर थाना लक्ष्मणझूला पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस ने संबंधित ठेकेदार और मशीन ऑपरेटर को हिरासत में लिया, मगर मशीन फिर भी सीज नहीं हुई। पटवारी द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी भी छोड़ दिए गए।
- 17 जून को सरकारी भूमि पर सड़क कटान का कार्य जारी रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन को मौके से हटाकर आधा किमी. नीचे उतार दिया। पुलिस से जेसीबी को सीज कर थाने ले जाने की मांग की गई, मगर पुलिस ने इनकार कर दिया। ठेकेदार की ओर से दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

पुलिस पर भूमाफियाओं को शह देने का आरोप
सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण का आरोप है कि इस प्रकरण में पुलिस निर्दोष ग्रामीणों को फंसाना चाहती है, जबकि मामले में शुरुआत से ही भू-माफिया को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पहले पुलिस से जेसीबी मौके से हटाकर सीज करने की मांग की। जब पुलिस ने ऐसा नहीं किया तो ग्रामीण ऑपरेटर की मदद से जेसीबी मशीन को थाना लक्ष्मण झूला लाने लगे, मगर पुलिस ने जेसीबी मशीन को लेने व संबंधित प्राप्ति देने से भी स्पष्ट तौर पर इनकार कर दिया। लिहाजा ग्रामीणों को जेसीबी सड़क निर्माण स्थल से आधा किमी. दूर खड़ा करना पड़ा।
विज्ञापन


कोट्स
------
नीलकंठ के समीप धमांद ग्रामसभा में राजस्व भूमि पर बिना अनुमति के सड़क काटने का मामला संज्ञान में आया है, इस मामले में संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और एसडीएम कोर्ट में 133 के तहत वाद चल रहा है। प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
- सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें