ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रेलवे रोड स्थित एक पूजा सामग्री की दुुकान में बुधवार दोपहर वन विभाग की टीम ने छापा मारा। इस दौरान वनकर्मियों ने दुकान से उल्लू के पंजे मिलने का दावा किया, जिस पर व्यापारी बिफर गया। नोकझोंक होतेे देख आसपास के व्यापारी मौके पर जुट गए। उन्होंने वनकर्मियों को घेर लिया, जिसके बाद टीम वापस लौट गई। इसके बाद व्यापारी कोतवाली पहुंचे और पुलिस से संबंधित व्यापारी की जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक वन विभाग के ऋषिकेश रेंज कार्यालय को मुखबिर से रेलवे रोड पर एक व्यापारी की पूजा सामग्री की दुकान में उल्लू के पंजे बेचे जाने की शिकायत मिली थी। वनकर्मियों की टीम ने दोपहर करीब एक बजे दुकान पर छापा मारा।
रेंजर आरपीएस नेगी ने उल्लू के दो जोड़ी पंजे मिलने का दावा किया, जिसे व्यापारी नकारते हुए नोकझोंक शुरू कर दी। इसके बाद मौके पर हंगामा शुरू हुआ, तो आसपास के व्यापारी भी दुकान में पहुंच गए। उन्होंने व्यापारी को निर्दोष बताते हुए वनकर्मियों को घेर लिया। भीड़ बढ़ती देख वनकर्मी पंजे साथ लेकर रेंज कार्यालय लौट गए। मामले में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी से मिला। उन्होंने संबंधित व्यापारी को निर्दोष बताते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। इस दौरान उक्त व्यापारी ने पुलिस को जानमाल की सुरक्षा किए जाने संबंधी पत्र भी दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामला वन विभाग से जुड़ा है। फिर भी पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। उधर, रेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि दुकान से उल्लू के दो जोड़ी पंजे मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट भेजा जा रहा है। जांच में पंजों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।