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नरेंद्र की मौत पर इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही सस्पेंड

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नरेंद्र को थर्ड डिग्री के आरोप, इंस्पेक्टर समेत तीन सस्पेंड
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मेरठ। नरेंद्र गुर्जर की मौत का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र को जेल भेजने से पहले मवाना पुलिस ने थर्ड डिग्री दी थी। मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुर्जर समाज ने पुलिस ऑफिस से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। इंस्पेक्टर मवाना पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। एसएसपी ने इंस्पेक्टर, दरोगा व एक सिपाही सस्पेंड करते हुए एसपी देहात को जांच सौंप दी है।
मवाना पुलिस ने गत शनिवार को दो गाय ले जाते हुए नरेंद्र गुर्जर (34) पुत्र मलखान निवासी डौरली, पल्लवपुरम और रोहित समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर गोवध अधिनियम के तहत जेल भेजा था। जबकि इन चारों लोगों का कहना था कि वह गाय खरीदकर पालने के लिए ले जा रहे हैं। लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। गंभीर धारा लगाकर पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में बंद नरेंद्र की सोमवार को हालत बिगड़ गई थी। उसे मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई थी। जिस पर मवाना तहसील में जमकर हंगामा हुआ था।
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इंस्पेक्टर पर दर्ज हो हत्या का केस
नरेंद्र की मौत को लेकर परिजनों और गुर्जर समाज के लोगों में तीखा आक्रोश है। बुधवार को नरेंद्र के भाई समेत सैकड़ों लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एसएसपी से इस मामले में इंस्पेक्टर मवाना के खिलाफ नरेंद्र की हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की। नहीं तो आंदोलन करने की चेतावनी दी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मवाना और दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की बात कहकर लोगों को शांत किया।
पोस्टमार्टम हाउस पर उमड़ी भीड़
नरेंद्र का पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। वीडियोग्राफी कराकर शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर नरेंद्र के परिजनों के साथ सैकड़ों लोगों की भीड़ पहुंच गई। पुलिस के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। इसकी सूचना पर मेडिकल, नौचंदी और भावनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
आखिर किसने नरेंद्र को पीटा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नरेंद्र को बर्बरता से पीटने का खुलासा हुआ है। उसके नाखून तक खींचे गए। गुप्तांग पर भी चोट मारी गई। शरीर पर चोटों के निशान देखकर परिजनों ने कहा कि नरेंद्र की हत्या की गई है। सवाल उठता कि आखिर नरेंद्र को किसने पीटा। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी कि पुलिस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे।
जेल में तो कुछ नहीं हुआ?
सवाल जेल प्रशासन पर भी उठ रहे हैं। जेल भेजने से पहले पुलिस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराती है, उसके बाद ही वह कोर्ट में पेश होता है। सवाल उठता कि अगर पुलिस ने नरेंद्र को थर्ड डिग्री दी तो वह मेडिकल में रिपोर्ट में क्यों नहीं आई। नरेंद्र के परिजनों को शक है कि जेल में भी कुछ हो सकता है। पुलिस अफसरों ने बताया कि नरेंद्र की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी, जिसमें मौत का कारण स्पष्ट होगा।
बीमार था नरेंद्र
नरेंद्र की तबियत खराब थी। उसे पहले जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हालत खराब होने पर उसे मेडिकल रैफर किया गया। जहां उसकी मौत हुई। डॉक्टरों ने नरेंद्र को नशे का आदी होना बताया है। -बीडी पांडे, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मवाना पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। बिना जांच किए पुलिस ने चारों लोगों को कैसे जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर मवाना बृजेश कुशवाहा, दरोगा और सिपाही को सस्पेंड कर एसपी देहात से जांच कराई जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। -मंजिल सैनी दहल, एसएसपी

खास बातें:
नरेंद्र की मौत के मामले ने तूल पकड़ा, एसपी देहात को सौंपी गई जांच
एसएसपी ऑफिस से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक नारेबाजी, हंगामा
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