ब्यूरो/ऋषिकेश। अनियमितताओं के चलते आबकारी विभाग ने रायवाला में शराब का गोदाम सील कर दिया है। इसके साथ ही रायवाला की अंग्रेजी शराब की दुकान विवादों के घेरे में आ गई है। दुकान में वित्तीय वर्ष 2017-18 के स्टॉक का रिकार्ड न विभाग को है और न ही संबंधित ठेकेदार के पास है। जबकि दुकान से बीते वित्तीय वर्ष की शराब नए रेटों के हिसाब से ग्राहकों को बेची जा रही है। मामला खुलने के बाद अब विभाग के अधिकारी पड़ताल में जुट गए हैं। लापरवाही की जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से तलब कर ली है।
रायवाला में अंग्रेजी शराब की दुकान में चल रहे गड़बड़झाले का खुलासा बीते सोमवार को एसओजी देहरादून की टीम की छापेमारी के बाद हुआ है। टीम ने रायवाला बाजार में शराब के अवैध गोदाम की शिकायत पर छापा मारा था। इसमें टीम को 1667 पेटी गोदाम में और 180 पेटी गोदाम के बाहर वाहन में लोड मिली थी। टीम के वाहन को पकड़ने के बाद आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर आ धमके। उन्होंने एसओजी को शराब विभाग की होने की बात कही। मामला बढ़ा, तो एएसपी निहारिका भट्ट और एसडीएम हर गिरि भी गोदाम पर पहुंचे। दुकान संचालक से स्टॉक का रजिस्टर तलब किया गया, तो वह रजिस्टर ही उपलब्ध नहीं करा पाया।
नियमानुसार गोदाम में रखे स्टॉक की जानकारी वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति के चलते विभाग को होनी चाहिए थी और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही दुकान संचालक के स्टॉक को एडजेस्ट कर उससे नए अधिभार के मुताबिक टैक्स भी वसूल किया जाना था। बावजूद इसके न स्टॉक की जानकारी विभाग के पास मिली और न ही संचालक के पास। लिहाजा, इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
नप सकते हैं कई अफसर
ऋषिकेश। आबकारी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद अब कई अफसरों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, विभाग के आला अफसर अभी मामले में कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
समिति को जांच में मिली अनियमितताएं
ऋषिकेश। रायवाला में अंग्रेजी शराब की दुकान पर बीते सोमवार को एसओजी की छापेमारी के बाद मामला संदिग्ध होने के चलते एएसपी निहारिका भट्ट, एसडीएम हर गिरि, एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट और आबकारी निरीक्षक भरत प्रताप की संयुक्त जांच समिति गठित की गई। एसडीएम ने बताया कि जांच में मौके पर स्टॉक रजिस्टर नहीं मिलने और अन्य तमाम खामियों की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जिलाधिकारी की ओर से ही की जानी है।