ब्यूरो/ऋषिकेश। भैरव कॉलोनी में सार्वजनिक शौचालय में पानी नहीं आने को लेकर मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय में हंगामा हो गया। इस दौरान पालिका के पूर्व चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी आपस में भिड़ गए। दोनों अधिकारियों के बीच खूब गाली गलौच हुई, मामला हाथापाई तक जा पहुंचा, हालांकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने बीच बचाव किया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। मामले में ईओ ने आरोप लगाया कि पूर्व चेयरमैन ने उनके साथ बदसलूकी की और जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि, अधिशासी अधिकारी ने मामले में अभी कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
मंगलवार को भैरव कॉलोनी के लोग सार्वजनिक शौचालय में पानी नहीं आने की शिकायत लेकर ऋषिकेश नगर पालिका कार्यालय में अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार यादव के पास पहुंचे थे। लोगों से बातचीत के दौरान ही पूर्व चेयरमैन दीप शर्मा भी कार्यालय में आ धमके। उन्होंने अधिशासी अधिकारी पर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिस पर कार्यालय में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन और ईओ के बीच गरमागरमी हो गई। गाली-गलौच के बाद नौबत हाथापाई तक पहुंची, तो कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया। हंगामा होते ही पालिका कार्यालय और परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। मामले में अधिशासी अधिकारी ने आरोप लगाया कि पूर्व चेयरमैन ने उनके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि ईओ ने मामले में पुलिस अभी कोई तहरीर नहीं दी है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को प्रकरण की जानकारी दे दी गई है। उनके दिशा-निर्देश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि अभी मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
नोटिफिकेशन रद्द होने से बढ़ा मामला
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ने ऋषिकेश नगर निगम की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। जिसके बाद से पूर्व चेयरमैन दीप शर्मा की मौजूदगी पालिका में लगातार बनी हुई है। वह ईओ से पद पर बहाली को लेकर जानकारी भी हासिल कर चुके हैं। पिछले दो दिनों से वह लगातार नगर पालिका के सभासद कक्ष में जमे हुए हैं। हालांकि, वह चेयरमैन कार्यालय में नहीं बैठ रहे हैं। असमंजस की स्थिति के कारण पालिका में लगातार गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
जान से मारने की दी धमकी
दफ्तर आए लोगों की समस्या को सुना जा रहा था। इसी बीच पूर्व चेयरमैन कार्यालय में पहुंचे और उन्होंने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने जान से मार दूंगा की बात भी कही। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है, उनके दिशा-निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र कुमार यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ऋषिकेश।
लोगों को पिटवाने की कोशिश की
अधिशासी अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दरअसल नगर पालिका में स्थानीय लोग समस्याएं लेकर आ रहे हैं, तो उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाला जा रहा है। लोगों को कर्मचारियों से पिटवाने तक की कोशिशें की जा रही हैं। शहर में सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का बुरा हाल है।
- दीप शर्मा, पूर्व चेयरमैन, नपा, ऋषिकेश