गौरतलब है कि सहस्त्रधारा रोड पर मुजफ्फरनगर के दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता के साथ लिव इन रिलेशन में रहने वाली समरजहां की सात मई की रात कारसवार बदमाश ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा कर राकेश कुमार गुप्ता, उसकी पत्नी सीमा और बेटे कार्तिक गुप्ता और मोमिन को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का दावा था कि कार्तिक ने माता-पिता की मौन स्वीकृति के बाद मुजफ्फरनगर के एक बदमाश को समरजहां की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी थी।
पूछताछ के दौरान गुप्ता परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की भरसक कोशिश की। चौबीस घंटे तक पूरा परिवार हत्या से किसी तरह का संबंध होने से इंकार करता रहा। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि कार्तिक तो लगातार यही कहता रहा कि अब परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। वो तो समरजहां को दूसरी मम्मी मानता था। इस तरह राकेश गुप्ता की पत्नी भी रिश्ते को स्वीकार करने की बात कहती रही। बाद में पुलिस जांच में आए इनपुट के सामने गुप्ता परिवार ज्यादा समय नहीं टिक पाया।