ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
यदि आप फुटकर बाजार में सामान खरीद या बेच रहे हैं तो सावधान हो जाइए। क्योंकि, लेन देन में आपके पास नकली नोट आ सकता है। पछवादून में 20 लाख से अधिक के नकली नोटों की खेप मौजूद है। यह खुलासा सहसपुर थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए नकली नोट का कारोबार करने वाले आरोपियों ने किया है।
सहसपुर प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़ के मुताबिक बृहस्पतिवार को गैंग के सरगना सहित छह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। पकड़े गए आरोपी सलमान महमूद, मनदीप शर्मा, भावना कुमार सभी निवासी दिल्ली, मदन शर्मा और उसके दो बेटाें आकाश और राहुल निवासी रुड़की से पता चला है कि उनके तार दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों से जुड़े हैं। जो लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर नकली नोट थमाते हैं। पिछले छह महीने के भीतर आरोपी 50 से अधिक लोगों को नकली नोट दे चुके हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले छह महीने से वे प्रिंटर और स्केनर के जरिए नकली नोट बना रहे थे। कई बार आरोपी लोगों को धनराशि दोगुना करने का लालच देते और उनसे एडवांस में कुछ धनराशि लेने के बाद फरार हो जाते थे। पुलिस ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अभी कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
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प्रदेश में तेजी से फैल रहा नकली नोटों का कारोबार
उत्तराखंड में नकली नोटों के कारोबारियों का जाल तेजी से फैल रहा है। इससे पहले भी कुछ लोग नकली नोट का कारोबार करते पकड़े जा चुके हैं। जुलाई 2018 में चमोली पुलिस ने गौचर से नकली नोटों के साथ दो लोगों को दबोचा था। वहीं, सितंबर 2018 में ऊधमसिंह नगर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
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जड़ी बूटी और वन्य जीवों की खाल के लिए भी होता है इस्तेमाल
उत्तराखंड में जड़ी बूटी और वन्य जीवों की खाल खरीदने के लिए भी बड़ी मात्रा में नकली नोटों का इस्तेमाल हो रहा है। पुलिस के मुताबिक इस धंधे में शामिल लोगों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। जुलाई 2018 में गौचर से दबोचे गए आरोपियों का बंगाल के मालदा से कनेक्शन सामने आया था। आरोपियों ने बताया कि वह मालदा से नोटों की यह खेप उत्तराखंड लाए थे।
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नोटबंदी के दौरान बैंकों में भी जमा हुए नकली नोट
देश में नोटबंदी के दौरान उत्तराखंड के कुछ बैंकों में नकली नोट भी जमा हुए थे। पौड़ी और कोटद्वार के एक बैंक में नकली नोट जमा होने का खुलासा हुआ था। प्रकरण में पौड़ी कोतवाली और कोटद्वार में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। असल में हुआ यह कि नोटबंदी के दौरान कुछ लोगों ने बैंक में नकली नोट जमा करा दिए। उस दौरान यह नोट पकड़ में नहीं आए। लेकिन, बाद में कानपुर में इन नोटों को पकड़ लिया गया। पड़ताल हुई तो पता चला कि पौड़ी जनपद के बैंकों से यह नोट जमा हुए थे।