देवप्रयाग। दीपावली की रात हरियाणा का एक व्यक्ति प्रसाद के नाम पर पत्नी, बेटी और बेटे को जहर देकर फरार हो गया। इससे बेटी और पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। हरियाणा का यह परिवार अमावस्या की रात गंगा किनारे रामकुंड में पूजा-पाठ कर रहा था।
पौड़ी जिले के बाह बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस वारदात का खुलासा शुक्रवार सुबह हुआ। रामकुंड पुल के समीप बकरी चराने गए योगंबर सिंह ने देखा कि पुल के नीचे दो महिलाएं और एक युवक बेसुध पड़े थे। आसपास पूजा पाठ की सामग्री बिखरी हुई थी। योगंबर नेे इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी प्रमोद शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों को सीएचसी बागी ले गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक को प्राथमिक उपचार के बाद बेस अस्पताल श्रीकोट रेफर कर दिया।
शाह ने बताया कि जब युवक को होश आया तो उसने खुद को कमल कॉलोनी (नियर कृष्णा बैंक्वेट हाल) रोहतक (हरियाणा) निवासी जतिन (24) बताया। जतिन ने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता राजेश मल्हान (55) माता प्रमिला (45) बहन रूबी (19) के साथ देवप्रयाग आया था। वे सभी दीपावली (अमावस्या) की रात पुल के समीप राम कुंड में पूजा करने गए थे। पूजा के दौरान पिता ने प्रसाद के तौर पर पेय पदार्थ पीने को दिया और खुद सामान लेने के लिए बाजार जाने की बात कहकर चले गए। उसके बाद क्या हुआ उसे कुछ पता नहीं है।
एसएसपी जगतराम जोशी और सीओ धन सिंह तोमर ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बाद में एसएसपी बेस अस्पताल में भर्ती युवक को देखने भी पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि फरार राजेश मल्हान शिक्षक बताया जा रहा है। घटना को अंजाम देने के पीछे क्या मकसद था, आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम संभावित स्थल के लिए रवाना कर दी गई है। वहीं बेस अस्पताल में भर्ती युवक को एम्स रेफर किया जा रहा है।
पत्नी बेटे और बेटी को मारने की योजना पूर्व नियोजित थी!
देवप्रयाग। घटना को देखकर लगता है कि राजेश मल्हान घर से ही योजना बनाकर चला था। राजेश ने धर्मशाला का पूरा हिसाब पहले ही चुकता कर दिया था। पूजा के दौरान उसने विषाक्त पदार्थ पत्नी, बेटा और बेटी को पिलाया, लेकिन स्वयं नहीं पीया। घटना को अंजाम देने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार हो गया।
घटना से पूर्व खुश दिख रहा था पूरा परिवार
देवप्रयाग। बदरी केदार धर्मशाला प्रबंधक वीरेंद्र ध्यानी ने बताया कि 17 अक्तूबर को उक्त परिवार ने कमरा लिया था। परिवार के सभी लोगों में आपसी मेल मिलाप अच्छा दिख रहा था। 19 अक्तूबर को राजेश मल्हान को छोड़कर तीनों (पत्नी, बेटा और बेटी) गंगा स्नान करने के बाद गंगाजल भी लेकर आए थे। शाम को ये लोग घूमने भी गए। उसके बाद रात 9 बजे ये लोग धर्मशाला आए। प्रबंधक ने बताया कि 11 बजे रात जब वे उनके कमरे की तरफ गया तो पूरा कमरा खाली था लाइट जली हुई थी।
घटनास्थल पर मिला यह समाना
देवप्रयाग। घटनास्थल से तांबे की तीन प्लेटें, हवन की लकड़ियों के दो पैकेट, काजू, घी का डिब्बा, अगरबत्ती, पानी की बोतल, प्लेट, डोने और एक बैग मिला है। इससे स्पष्ट है कि ये सभी लोग यहां पूजा-पाठ कर रहे थे। हालांकि, पूजा के लिए अलग से पंडित या तांत्रिक को नहीं बुलाया गया था। पूजा आरोपी राजेश स्वयं की संपन्न करा रहा था।