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हैलो मम्मी, मैं आत्महत्या कर लूंगा

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हैलो मम्मी, मैं बहुत परेशान हूं। मैं आत्महत्या कर लूंगा। अब मैं जीना नहीं चाहता, कुछ ऐसे ही अल्फाज दिवंगत कांस्टेबल जगदीश बिष्ट ने शुक्रवार सुबह अपनी मां से मोबाइल फोन पर आखिरी मर्तबा हुई बातचीत में कहे थे। जगदीश किस वजह से अवसाद में था, ये अभी तक मिस्ट्री ही बना हुआ है।
शनिवार दोपहर खड़खड़ी श्मशान घाट पर दिवंगत जगदीश को अंतिम विदाई दी गई। पिथौरागढ़ के डीडीहाट के रहने वाले 27 वर्षीय कांस्टेबल जगदीश बिष्ट ने शुक्रवार को रोशनाबाद में जजेज कालोनी में अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली थी।
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2012 के बैच के कांस्टेबल जगदीश के डिप्रेशन में होने की बात सामने आई थी, लेकिन उसकी मूल वजह पता नहीं चल सकी थी। शुक्रवार को जगदीश ने अपनी मां से भी मोबाइल फोन पर बातचीत की थी और परेशानी बढ़ जाने पर आत्महत्या कर लेने की बात कही थी।
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मां ने उसे समझाया बुझाया था, पर क्या पता था कि बेटे से अब कभी बात नहीं होगी। ये खुलासा खुद हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने ही पुलिस के समक्ष ही किया है। लेकिन कांस्टेबल ने आत्महत्या क्यों कर ली, इसकी वजह साफ नहीं हो सकी है। परिजनों ने इसकी वजह जब बताई सब चौंक गए। बकौल परिजन बेटे पर ऊपरी हवा का साया था। इधर, पोस्टमार्टम के बाद खड़खड़ी श्मशान घाट पर दिवंगत जगदीश बिष्ट का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहरा, एसपी क्राइम प्रकाश आर्य, सीओ सिटी प्रकाश देवली, कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह समेत अनेक पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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