प्रमुख सचिव आबकारी आनंद वर्द्धन ने अधिकारियाें के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि निर्धारित राजस्व से कम पर कोई ठेका नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे सरकार को ठेका बंद करना पड़े। नई आबकारी नीति के तहत ही ठेकों का आवंटन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव आबकारी आनंद वर्द्धन ने सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश में 268 ठेके अब तक नहीं उठ पाए हैं। हालांकि पहले यह संख्या 350 के करीब थे। धीरे-धीरे निर्धारित राजस्व पर पहले आओ पहले पाओ की नीति पर 82 ठेके छोड़े जा चुके हैं।
प्रमुख सचिव ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत कोई ठेका निर्धारित राजस्व से कम पर नहीं छोड़ा जाएगा। चाहे ठेकों को क्यों न बंद करना पड़े। आबकारी आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि बैठक में मई के अंत तक ठेकों के आवंटन का इंतजार किया जाएगा। आचार संहिता हटने के बाद ठेके बंद करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि पिछली सरकार में राजस्व घटाकर ठेकों का आवंटन किया था। ठेकेदारों को इस बार भी ऐसी ही उम्मीद है। आबकारी विभाग के इस फैसले से ठेका कम पर लेने के प्रयासों में जुटे लोगों को झटका लगा है।