उमेश की सुरक्षा हटाने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ब्लैकमेलिंग के आरोपी उमेश कुमार शर्मा की वाई श्रेणी सिक्योरिटी हटाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड पुलिस जल्द ही गृह मंत्रालय में इस संबंध में सिफारिश कर सकती है। इसके लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस के उच्चाधिकारी इस संबंध में कोई अधिकारिक बयान नहीं दे रहे हैं।
उमेश कुमार शर्मा ने अक्टूबर 2015 में अपनी जान को खतरा बताते हुए केंद्र सरकार से सिक्योरिटी की मांग की थी। इस पर उत्तर प्रदेश पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर उमेश को वाई श्रेणी की सिक्योरिटी दी गई थी। तब से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 12 जवान और कमांडो उमेश की सुरक्षा में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि जिस दिन उमेश की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी सिक्योरिटी में तैनात जवानों से पुलिस की नोक-झोंक हुई थी। इस दौरान उनके उच्चाधिकारियों को वारंट की कॉपी दिखाई गई। उसके बाद ही पुलिस उमेश तक पहुंच पाई थी।
सोमवार को उमेश की पेशी के दौरान भी सिक्योरिटी कोर्ट परिसर के बाहर ही रही। मंगलवार को भी सिक्योरिटी में तैनात जवानों परिसर के बाहर ही मौजूद रहे। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब चूंकि उमेश जेल में तो इस सिक्योरिटी का मतलब ही नहीं है। साथ ही खुफिया रिपोर्ट यह भी कहती है कि उमेश को कोई धमकी या किसी तरह से जान का खतरा है ही नहीं। लिहाजा उसने यह सिक्योरिटी भी सरकार को गुमराह कर अपने रुतबे के आधार पर हासिल की थी। ऐसे में अब पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय से इस सिक्योरिटी को वापस लिए जाने की सिफारिश की जा रही है। एक आला अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में सारी तैयारियां हो चुकी हैं, आगे निर्णय गृह मंत्रालय को लेना है।