ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक राकेश देवली ने कहा है कि सिटी बस, विक्रम और ऑटो में यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी चालक-परिचालक की है। वह सीधे तौर पर लड़ने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं से होने वाली अभद्रता और छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोकथाम को लेकर एसएसपी के निर्देश पर सीओ ट्रैफिक राकेश देवली ने शनिवार को सिटी बस, विक्रम और आटो यूनियन के पदाधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक की। इस दौरान बसों और विक्रम में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मंथन हुआ। सीओ ने सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं के साथ अभद्रता, छेड़छाड़ आदि की स्थिति में चालक-परिचालक को जागरूक व सर्तक रहने को कहा और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने की बात कही। बैठक में महिला हेल्पलाइन प्रभारी प्रदीप चौहान, महिला सुरक्षा प्रभारी कृष्णा जायडा, कई यूनियन से जुड़े चंद्रपाल सिंह, हुकुम सिंह भंडारी, गोपाल सिंह भंडारी, पंकज गुुप्ता, अनुज गोयल, मोगम्बर सिंह राणा, कुलदीप चौधरी, जय सिंह गुसांई, उपेन्द्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
ये दिए गए निर्देश;;
1-सिटी बसों और विक्रमों में महिलाओं की सीट आरक्षित की जाए। बड़े-बड़े अक्षरों में रिजर्व सीट लिखा जाए।
2-महिलाओं से छेड़छाड़ या अभद्रता पर तत्काल सूचना पुलिस को दी जाए।
3-बस, विक्रम और ऑटो के अंदर पुलिस के महत्वपूर्ण नंबर पठनीय अक्षरों में लिखा जाए।
4-किसी भी शराबी तथा अवांछनीय तत्वों की जानकारी पुलिस को दी जाए।
5-सिटी बस, विक्रम और आटो के चालक-परिचालकों का शत प्रतिशत सत्यापन कराया जाए।
6-निर्धारित स्टॉप पर ही वाहनों को रोकें, ताकि महिलाओं को कोई दिक्कत न हो।