अभी नहीं बढ़ेगा प्राइवेट बसों का किराया
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश में प्राइवेट बसों का किराया अभी नहीं बढ़ेगा। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने किराया बढ़ाने के मामले को फिलहाल टाल दिया है। किराया बढ़ोतरी के लिए गठित कमेटी से नए सिरे से परीक्षण कराने का फैसला लिया गया है। कमेटी तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देगी। इसके बाद अगली बैठक में प्राइवेट बसों का किराया बढ़ाने पर निर्णय होगा। प्राधिकरण ने व्यावसायिक वाहनों में डस्टबिन लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। डस्टबिन न लगाने पर पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
शुक्रवार को परिवहन निदेशालय में करीब एक साल बाद एसटीए की बैठक सचिव परिवहन डी. सेंथिल पांडियन की अध्यक्षता में हुई। बैठक के एजेंडे में 17 मुद्दों पर चर्चा हुई। किराया बढ़ाने के मुद्दे पर प्राइवेट बस संचालकों ने अपनी राय प्राधिकरण के समक्ष रखी। मगर, इसको लेकर कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सिटी बस चालकों ने अपने प्रस्ताव दिया। जिससे सहमति नहीं बन पाई। लिहाजा, कमेटी को नए सिरे से परीक्षण कर तीन सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। सड़क हादसों को रोकने के लिए एसटीए ने ओवर लोडिंग व स्पीड वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया। ओवर लोडिंग व स्पीड पर दो चालान होने पर एक माह के लिए परमिट निरस्त किया जाएगा। इसके बाद आठ मामलों में एक माह के लिए परमिट निरस्त किए गए। प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि यदि किसी योजना का लाभ लेकर व्यावसायिक वाहन खरीदने के बाद उसका परमिट निरस्त किया जाता है तो ऐसे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही बाइक किराये पर देने के लिए लाइसेंस देने का निर्णय लिया गया। अभी तक प्रदेश में फ्री पॉलिसी के तहत सात लाइसेंस ही जारी किए गए। जिसमें अधिकतम पांच बाइक रखने का प्रावधान है। बैठक में अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह, सहायक आयुक्त एसके सिंह, सदस्य एसएस रावत, रकित वालिया मौजूद थे।
10 टैक्सी चालकों पर पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना
पर्यटकों से अधिक किराया वसूलने के मामले में एसटीए ने टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया। जिसमें 10 टैक्सी चालकों पर ओवर चार्जिंग करने पर पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना वसूला गया। करीब छह माह पहले परिवहन विभाग को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से टैक्सी चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलती थी। ये सभी मामले नैनीताल जिला के हैं।
व्हील बेस बढ़ाने को आईआईटी रुड़की से लेंगे परामर्श
बैठक में वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों के वाहनों के व्हील बेस बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। अभी तक व्हील बेस (एक टायर से दूसरे टायर के बीच की दूरी) 166 इंच ही मान्य है। कंपनियों ने इसे बढ़ावा 169 इंच करने का प्र्रस्ताव दिया। इस पर प्राधिकरण ने तकनीकी कमेटी बना कर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से परामर्श लेने का निर्णय लिया।
रामनगर-बदरीनाथ रूट के परमिट आरटीए देगी
रामनगर-बदरीनाथ रूट का परमिट पौड़ी, अल्मोड़ा और हल्द्वानी आरटीए के माध्यम से दिया जाएगा। अभी तक एसटीए के माध्यम से परमिट जारी किए जाते थे। इसके लिए इस रूट के परमिट के लिए देहरादून आकर आवेदन करना पड़ता था। जीएमओयू को गंगोत्री-यमुनोत्री रूट पर पूरे साल का परमिट देने के मामले में कोई निर्णय लिया हुआ है। क्योंकि कुछ आपरेटर इसका विरोध कर रहे हैं।