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सुसाइड नोट में 'सॉरी पापा' लिख, छात्र ने कनपटी पर मारी गोली

Fri, 06 Jan 2017 11:57 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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suicide
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हल्‍द्वानी के नवाबी रोड महेशनगर स्थित फ्लैट में इंटर के छात्र ने कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
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घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से पिस्टल, दो कारतूस और सुसाइड नोट बरामद किया है जिसमें उसने अपने पिता से इस कदम को उठाने के लिए माफी मांगी है। बताया जा रहा है कि छात्र के पिता उत्तर प्रदेश की एक बड़ी महिला नेता के पीए हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मृतक के पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही थी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए।

महेशनगर निवासी महेश चंद का पुत्र करनदीप (18) नैनीताल रोड स्थित एक स्कूल में 12वीं का छात्र था। बृहस्पतिवार की रात दूसरे तल पर स्थित कमरे में करनदीप मौजूद था। अचानक कमरे से गोलियों के चलने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में बैठी मां नीरू घबरा गईं। मौके पर पहुंची तो बेटा कालीन पर खून से लथपथ गिरा पड़ा था।
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घटना की सूचना पर हीरानगर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से ऑटोमेटिक पिस्टल, 22 बोर के दो कारतूस (खाली), सुसाइड नोट बरामद किया। सुसाइड नोट भी रक्तरंजित था, जिसमें उसने अपने पापा से माफी मांगते हुए ‘सॉरी पापा, आईएम रियली सारी’ लिखा था। पूछताछ में पता चला कि छात्र के कमरे में गाना बज रहा था।

गाना बजते समय उसने कनपटी पर गोली मारी थी। पुलिस उसे बेस अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि करनदीप के पिता उत्तर प्रदेश की एक बड़ी महिला नेता के पीए हैं। छात्र ने किन कारणों के चलते गोली मारी, इस सवाल का जवाब जानने के लिए पुलिस दिल्ली में रहने वाले पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।

घर का इकलौता चिराग बुझा
घर का इकलौता चिराग बुझने से मां नीरू बदहवास हो गई। वह रात में मोर्चरी में रखे बेटे के शव को फिर बृजलाल अस्पताल लेकर जाने की जिद करने लगीं। पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह महिला दरोगा से ही भिड़ गईं।
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बदहवास मां एक ही जिद लगाती रही कि बेटे को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाओ वह जिंदा हो जाएगा। किसी तरह लोगों ने उन्हें शांत कराया। बाद में शव निकालने के लिए नीरू ने अपनी बहनों कविता और हेमा के साथ मोर्चरी का चैनल तोड़ने की कोशिश भी की। समझाने पर मां और उसकी मौसियां पुलिस से भी कई बार भिड़ीं। देर रात तक पुलिस मोर्चरी पर परिवार को समझाने में लगी थी।
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