ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जिस युवक राजेश गैरोला की रायपुर सौंग नदी में लाश मिली थी, उसकी हत्या नहीं, बल्कि नशे में मोटरसाइकिल से गिरने से मौत हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को राजेश के साथी बालावाला निवासी विक्रम भंडारी को गिरफ्तार करके यह दावा किया है। पुलिस का दावा है कि राजेश के साथ शराब पीने वाला साथी विक्रम घटना के बाद घबराकर वहां से भाग निकला, उसकी इसी हरकत के चलते राजेश की जान गई। पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा हटाकर उसके साथी विक्रम को गैर इरादतन हत्या व साक्ष्य छुपाने के आरोप में मंगलवार को जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक मोबाइल लोकेशन व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि घटना वाली रात (28/29 नवंबर की रात) बालावाला निवासी विक्रम भंडारी राजेश के साथ था। ऐसे में उसकी तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को सौंग नदी के पास भंडारी की लोकेशन का पता चला। इस पर वरिष्ठ उप निरीक्षक संजय मिश्रा व उनकी टीम ने सौंग नदी के पास से ही विक्रम भंडारी को गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि मौके से भागने की बजाए विक्रम ने पुलिस को सूचित किया होता या राजेश को किसी तरह से अस्पताल पहुंचाया होता तो उसकी जान बच सकती थी। उसकी इसी हरकत के चलते राजेश की जान गई, लिहाजा उसे गैर इरादतन हत्या का जिम्मेदार माना गया है।
बता दें, गत 29 नवंबर को सौंग नदी में एक व्यक्ति का शव मिला था। पास ही में उसकी मोटरसाइकिल खड़ी थी और कुछ दूरी पर खून व मफलर पड़ा था। मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर शव की शिनाख्त राजेश गैरोला निवासी बालावाला के रूप में हुई। प्राथमिक जांच में लगा कि किसी ने राजेश की हत्या कर उसका शव यहां लाकर फेंक दिया है। शव के पास उसकी जैकेट जली हुई पड़ी थी, जिसे समझा गया कि उसे जलाने का भी प्रयास हुआ। पुलिस जांच में जुटी हुई थी, लेकिन हत्यारोपी और हत्या के कारणों का पता नहीं चल पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने घटनावाले दिन राजेश के साथ कौन-कौन था, इसकी जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को विक्रम भंडारी की लोकेशन घटनावाली रात घटनास्थल सौंग नदीं के पास मिली। पुलिस ने विक्रम को पकड़ा तो उसने उस रात की सारी कहानी उगल दी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना वाले दिन दोनों ने साथ में शराब पी। इसके बाद वे सौंग नदी के रास्ते पर जाने लगे। इस बीच मोटरसाइकिल से राजेश गिर गया (जहां मफलर व खून मिला), जिससे खून बहने लगा। जैसे-तैसे वह मोटरसाइकिल पर ही उसे पांच सौ मीटर दूर ले गया। वहां धीरे धीरे राजेश बेहोश होने लगा तो उसने जैकेट जलाकर उसे गर्मी देने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और उसकी नब्ज डूबती गई। विक्रम इससे इतना घबरा गया था कि उसने इसकी सूचना किसी को नहीं दी और सुबह पांच बजे वहां से चला आया। पूछताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या की धारा हटा दी गई है। चूंकि, यह दुर्घटनावश मृत्यु हुई है, लिहाजा गैर इरादतन हत्या व साक्ष्य छुपाने के आरोप में विक्रम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विक्रम पर पहले से भी हैं कई मुकदमे
विक्रम भंडारी से यह अपराध भले ही भूलवश हुआ हो, लेकिन उसके पुराने इतिहास पर गौर करें तो वह काफी शातिर किस्म का जान पड़ता है। रायपुर थाने में ही उसके खिलाफ चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और धारदार हथियारों से हमला करने आदि के पांच मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इन सभी मामलों में वह जमानत पर बाहर है।