रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ, आईबी और पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को रेलवे स्टेशन का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। स्टेशन की किलेबंदी करने को चोर रास्ते तत्काल बंद कराने का निर्णय लिया गया है। कथित आतंकियाें की धमकियाें के मद्देनजर बम निरोधक उपकरण लगाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर सहमति जताई गई है।
राजकीय रेलवे पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल की अगुवाई में रेलवे, आरपीएफ, आईबी और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्टेशन के सुरक्षा प्रबंध को लेकर मंथन किया। सुरक्षा की दृष्टि से सबसे पहले स्टेशन की 10 फीट ऊंची बाउंड्री कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्टेशन के हर तरफ खुले रास्तों को बंद किया जा सके। यह काम जल्द शुरू करने को कहा गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि रेलवे की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। जांच में 13 कैमरे सही, जबकि दो कैमरे खराब पाए गए। स्टेशन पर 15 और कैमरे लगाने पर सहमति बनी है।
स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों में लगी लेबर का सत्यापन अनिवार्य रुप से करने के अलावा दूर-दराज से आने वाले पार्सलों की आकस्मिक चेकिंग कराने का भी निर्णय लिया गया, ताकि किसी तरह का विस्फोटक होने की आशंका को खारिज किया जा सके। स्टेशन के मुख्य द्वार पर बम निरोधक उपकरण लगाने को कहा गया है। साथ ही टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि रुड़की में आए पत्र में कई रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके मद्देनजर उत्तराखंड में रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। एनआईए के पंकज कुमार, सहायक सुरक्षा आयुक्त धर्मराज राम, सीओ सिटी शेखर सुयाल आदि अधिकारी मौजूद रहे।