आयुर्वेद विवि के कर्मचारियों से अभद्रता तोड़फोड़
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गेट पर कर्मचारियों से मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट का आरोप मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों पर है। मामले में विवि के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
आयुर्वेद विवि के मुख्य द्वार पर कुछ लोग एक माह से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरने के बारे में प्रभारी कुल सचिव डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि ये लोग अनैतिक मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इसके चलते यहां अशांति का माहौल रहता है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को बल्कि यहां आने वाले मरीजों को भी खासी परेशानी होती है। बृहस्पतिवार को विवि के कर्मचारी इन लोगों को यहां हटाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने मारपीट भी की। डॉ. कुमार का कहना है कि इस घटना के बाद से मरीजों और कर्मचारियों में भय का माहौल है। चौकी प्रभारी हर्रावाला बृजपाल सिंह का कहना है कि डॉ. राजेश कुमार की तहरीर ले ली गई है। इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
द्वार पर की तालाबंदी
आयुर्वेद विश्वविद्यालय से हटाए गए कर्मचारी भी एक माह से विवि गेट पर क्रमिक अनशन पर हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने विवि का गेट बंद कर प्रदर्शन किया। छात्र और कर्मचारियों के संयुक्त प्रदर्शन से विवि परिसर में अफरातफरी मची रही। चिकित्सक व कर्मचारियों को विवि के अंदर-बाहर आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान नरेंद्र नेगी, पंकज कुमार, दीपक बर्थवाल, अनिल नौटियाल, प्रियंका पांडेय, रेनू बाला, रेखा काला, अर्चना, पूरण सिंह, चंद्रकांता, आशीष, विजयए अमरदीप आदि मौजूद रहे।