ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
डोईवाला में करीब आठ साल पहले रोड जाम और बलवा करने के आरोपी विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ पिछले दिनों सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। हालांकि सीजेएम कोर्ट से उन्हें दो जामिनदारों और 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है।
अभियोजन के अनुसार 11 मई 2010 को विधायक रहने के दौरान प्रेमचंद अग्रवाल डोईवाला के व्यापारियों के साथ तत्कालीन डोईवाला कोतवाल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। व्यापारी तत्कालीन प्रभारी कोतवाल पी. रेणुका देवी पर उत्पीड़न का आरोप लगा रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग जाम लगाने के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। इसके बाद पुलिस ने प्रेमचंद अग्रवाल समेत कुल 28 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया था। प्रेमचंद अग्रवाल के अधिवक्ता आरएस राघव ने बताया कि अप्रैल में न्यायालय ने प्रेमचंद अग्रवाल समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इसी क्रम में शनिवार को प्रेमचंद अग्रवाल ने दोपहर एक बजे सीजेएम कोर्ट में पेश हुए। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें दो जमानती और 10 हजार रुपये के निजी मुचलकों के आधार पर जमानत दे दी। इस मामले में 11 लोग अपनी जमानत पहले ही करा चुके हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगी।