जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी कंवर सेन ने दुराचार के एक मामले में सौतेले बाप को दोषी पाते हुए उसे दस साल की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को एक अन्य धारा में भी दोषी पाया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता प्रेम बल्लभ पंत ने बताया कि जून 2014 में कोटद्वार निवासी एक महिला ने अपने पति पर आरोपी की सौतेली बेटी के साथ दुराचार का मामला दर्ज कराया था।
मां ने की थी दूसरी शादी
उन्होंने बताया कि जब पीड़िता डेढ़ वर्ष की थी तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। पीड़िता की मां ने कोटद्वार निवासी अर्जुन से दूसरी शादी कर ली। इस बीच 14 वर्षीय पीड़िता के साथ उसका सौतेला बाप दुराचार करने लगा। इसकी जानकारी पीड़िता ने अपनी मां को जून 2014 में दी।
मां ने दर्ज कराई थी तहरीर
पीड़िता की मां ने 28 जून 2014 को कोटद्वार थाने में तहरीर देकर आरोपी पर उसकी सौतेली बेटी के साथ दुराचार का आरोप लगाया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुराचार करने और पोस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी अर्जुन को बलात्कार एवं पोस्को में दोषी पाया। और आरोपी को बलात्कार के मामले में दस साल तथा पोस्को एक्ट में दस साल की सजा सुनाई है।