नाबालिग एवं विकलांग बेटी से बलात्कार के प्रयास के आरोपी पिता पर आरोप साबित हुआ है। देहरादून की जिला अदालत ने उसे दस साल की कैद एवं 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला वर्ष 2014 का है।
अभियोजन के अनुसार आरोपी अनीश ने 22 फरवरी 2014 की रात अपनी तेरह साल की पोलियो से पीड़ित बेटी से बलात्कार का प्रयास किया, बच्ची की चीखने की आवास सुनकर पहुंची उसकी मां और आस-पास के लोगों ने बच्ची को आरोपी से छुड़ाया।
पीड़िता ने दी अदालत में गवाही
अपर जिला जज नीना अग्रवाल की अदालत में हुई सुनवाई में बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताया। बचाव पक्ष ने कहा कि जिस समय की यह घटना बताई जा रही है उस समय घर पर दो और बच्चे थे। वही अभियोजन की ओर से इसका विरोध किया गया। पीड़ित बच्ची ने अदालत को बताया कि इससे पहले भी उसके साथ बलात्कार का प्रयास हो चुका है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बलवंत राय अग्रवाल ने कहा कि यौन शोषण एवं बलात्कार का प्रयास अत्यंत जघन्य अपराध है, यदि नाबालिग पीड़िता अपने घर पर ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो उसके सामाजिक और मानसिक विकास की कोई संभावना नहीं है। अदालत ने आरोपी पर आरोप साबित होने पर उसे सजा सुनाई।