महिम की जीत के बाद महीनेभर से चल रहा सियासी घमासान खत्म होने के आसार हैं। सीएयू सचिव पद को लेकर सीएयू के भीतर की खेमेबाजी खुलकर सामने आई। महिम को शिकस्त देने के लिए कई गुटों ने हाथ भी मिलाए, लेकिन महिम के पिता पीसी वर्मा का सीएयू बनाने में संघर्ष रंग लाया।
नतीजतन प्रतिद्वंद्वी को मात खानी पड़ी। कुछ सदस्यों ने कहा कि सीएयू व डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशनों में कई सदस्य पीसी वर्मा का दिल से सम्मान करते हैं। परिणाम घोषित होते ही महिम समर्थकों ने जीत पीसी वर्मा को समर्पित की।
सीएयू प्रोग्राम को अंजाम तक पहुंचाएंगे महिम
बीसीसीआई उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने कहा कि वह जीत को लेकर बेहद खुश हैं। वह उत्तराखंड क्रिकेट को खास मुकाम दिलाना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें उत्तराखंड को पहला राज्य बनने का सौभाग्य मिला।
अब वह स्कॉलरशिप के जरिए पहाड़ के जरूरतमंद खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म देंगे। गढ़वाल व कुमाऊं एकेडमी बनाने में तेजी लाई जाएगी, यहां प्रतिभावान खिलाड़ियों को हाई लेवल ट्रेनिंग देंगे। महिम वर्मा फिलहाल बीसीसीआई की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने मुंबई गए हैं।