सप्तसरोवर मार्ग स्थित पावन धाम में चल रहे स्वामित्व के विवाद के बीच एक पक्ष ने 40 साल से आश्रम में रह रहे संत स्वामी कमल शास्त्री का सामान बाहर निकालकर उनका सामान सड़क पर फेंक दिया।
पीड़ित संत ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए जान, माल की गुहार लगाई है। कांग्रेसी नेता पीड़ित संत की मदद करने को आगे आए, लेकिन पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया। संत आश्रम के बाहर झोपड़ी में रहने को मजबूर है।
सोमवार की रात काबिज पक्ष ने दूसरे पक्ष के संत स्वामी कमल शास्त्री का सामान बाहर फेंककर उन्हें बाहर कर दिया है। कमरे पर ताला जड़ दिया। कमल शास्त्री ने बताया कि सोमवार की रात को वे काली मंदिर में पूजा अर्चना के लिए गए हुए थे।
वहां से लौटे तो देखा की उसके कमरे पर दो ताले लगे हुए हैं और उनका सामान गायब है। उसने ताला लगाने का विरोध किया तो आश्रम पर काबिज लोगों ने उस पर हमला किया।
उसने मामले की शिकायत नगर कोतवाली में दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आश्रम के कोई विवाद की स्थिति न हो, इसके लिए पुलिस तैनात करा दी। वहीं मंगलवार की सुबह को स्वामी कमल शास्त्री के समर्थन में कांग्रेसी नेता सतपाल ब्रह्मचारी, सचिन बेनीवाल, नीरव साहू आदि उन्हें काबिज कराने के लिए आश्रम पहुंचे, लेकिन आश्रम में अंदर से ताला लगा होने और पुलिस तैनात होने के चलते वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।