हाईकोर्ट ने सरकार को प्रदेश के पुजारियों, मौलवियों, पादरियों और ग्रंथियों को सरकारी आर्थिक मदद और पेंशन देने पर अपनी राय न्यायालय को बताने को कहा है।
कोर्ट ने महाधिवक्ता से कहा कि वे इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री से वार्ता करें और छह सितंबर को स्थिति से कोर्ट को अवगत कराएं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने पंडित सुभाष जोशी के एक पत्र पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया।