महंगाई की मार से जेब पहले ही ढीली थी, अब भावनाएं भी आहत हो रही हैं। बात राखी की है। इस त्योहार में महज आठ दिन बचे हैं।
लिहाजा बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने के लिए कभी पोस्टऑफिस तो कभी कोरियर कंपनी के दरवाजे पहुंच रही हैं। राखी समय पर पहुंच जाए, इसके लिए पोस्टऑफिस में स्पीड पोस्ट की बेहतर व्यवस्था है। जिसका चार्ज भी कम है।
जबकि कोरियर कंपनियां मौके की नजाकत को भांपते हुए मनमाना चार्ज वसूल रही हैं। इसकी वजह है राखी पहुंचने की गारंटी। कोरियर कंपनी इसे समय पर पहुंचाने की गारंटी दे रही है तो पोस्टऑफिस वाले कह रहे हैं कि राखी पहुंचेगी जरूर, लेकिन रक्षाबंधन से पहले पहुंच जाएगी इसकी गारंटी नहीं है।
यही एक वजह है कि कोई बहन समझौता करने तो तैयार नहीं। वह स्पीड पोस्ट बजाय कोरियर को तरजीह दे रही है। इधर, कोरियर कंपनियां रक्षाबंधन को देखते ही चांदी कांटने में जुट गई हैं। यह अपने निर्धारित टैरिफ से कई गुना ज्यादा वसूल रही हैं।
पोस्ट ऑफिस में जहां स्पीड पोस्ट के 40 रुपए लग रहे हैं वहीं कोरियर वाले 100 से 200 तक वसूल रहे हैं। हाथ में राखी का पैकेट लिए भटकने वाली महिलाएं कहती हैं कि समयाभाव के चलते भाइयों के पास नहीं पहुंच पाने का बेजा फायदा ये कोरियर कंपनियां उठा रही हैं।
वहीं सरकार ने भी उनकी इस समस्या पर गौर न करते हुए पोस्टऑफिस में कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की हैं। ऐसे में महंगा कोरियर भेजना उनकी मजबूरी है। ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी 500 ग्राम तक के पैकेट के 200 रुपए ले रही है। हालांकि उसका टैरिफ चार्ज 310 रुप, है, लेकिन राखी के लिए 110 रुपए का डिस्काउंट दिया गया है।
पटना के लिए राखी भेजने पटेल नगर पोस्टऑफिस पहुंची एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 20 रुपए की राखी के लिए 200 रुपए कोरियर पर खर्च करने पड़ रहे हैं। थोड़ा पैसा और मिला लें तो राखी बांधने भाई के पास ही पहुंच जाएंगे। लेकिन समय की कमी और पैसे की तंगी है तो डाक से राखी भेज रहे हैं।