ऐसे चमत्कार आपने सिर्फ कहानियो में ही सुने होंगे, लेकिन यह सौ फीसदी सच है। चार बच्चों की मौत होने के बाद दंपति का संकल्प अपने इस पांचवें बेटे को जिंदा रखे है। पढ़ें, पूरी खबर...
एक के बाद एक चार स्वस्थ बच्चों में से एक का भी सुख नहीं मिलने पर टूट चुके दंपति ने भोले के भरोसे संतान सुख पाने की आस छोड़ दी। माता-पिता के ताउम्र कांवड़ चढ़ाने के संकल्प लेते ही न केवल पांचवां बालक अभी तक जिंदा है, बल्कि इस बार दूसरे वर्ष नन्हा कांवड़िया भगवान शिव को जलाभिषेक करने भी आया है।
शिव शंकर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र यूं ही नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं। मेले में अगर आप ये कारण ढूंढने निकलेंगे तो इसकी अनगिनत वजह मिल जाएगी। ऐसा ही एक व्यक्ति में भगवान शिव में अटूट आस्था देखने को मिली। कांवड़ पटरी मार्ग पर शामली का नन्हा प्रियांशु अपने पिता संजीव के साथ पीठ पर जल टांगे हुए ले जाता मिला।