नगर निगम की सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में निगम की भूमि पर धड़ल्ले से हो रहे कब्जों पर पार्षदों ने हंगामा किया। पार्षदों ने निगम की सैकड़ों बीघा भूमि पर अवैध कब्जों के दस्तावेज बैठक में रखे। कब्जों को लेकर मेयर से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई।
चार घंटे चली बैठक में अवैध कब्जों के अलावा निगम की भूमि को खुर्द-बुर्द करने और बद से बदतर होती साफ-सफाई के मुद्दे छाए रहे। पार्षदों के आक्रामक तेवर से मेयर भी बैकफुट पर दिखे। मेयर विनोद चमोली ने निगम की भूमि पर हुए कब्जों की उच्चस्तरीय जांच के लिए कमेटी गठित की।
नगर निगम के छोटे हॉल में आयोजित बोर्ड बैठक में सबसे पहले स्मार्ट सिटी परियोजना संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। पार्षद डॉ. विजेंद्र पाल सिंह, नंदिनी शर्मा, ओमेंद्र भाटी, बीना बिष्ट, अरुण खन्ना, राजेश पुंडीर, दया जोशी, अर्जुन सोनकर, जगदीश धीमान, अजय सिंघल, अमिता सिंह, नीनू सहगल, रामू पांडेय, विनय कोहली, नीतू वाल्मीकि, अशोक कोहली, विपिन चंचल, राजकुमार कक्कड़, भूपेंद्र कठैत ने 25 से अधिक मामलों का हवाला देकर कहा कि निगम का भूमि विभाग माफियाओं एवं कब्जाधारकों के साथ मिला हुआ है।
पार्षदों ने आक्रोश व्यक्त किया कि कई जगह निगम की भूमि में हुए पुराने कब्जे नहीं हटाए गए हैं, जबकि आए दिन नए कब्जे हो रहे हैं।