राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पताल में मरीजों को सस्ता इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को यूजर चार्ज के रूप में 17 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आमतौर पर पांच रुपये का पर्चा बनता है।
प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के तीन टीचिंग अस्पताल संचालित हो रहे हैं। हल्द्वानी, श्रीनगर और दून में मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पतालों में मरीजों को सस्ता इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में जहां हर वर्ष यूजर चार्ज में दस फीसदी की बढ़ोतरी होती है, वहीं मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पतालों में यूजर चार्ज बेहद कम है।
सरकारी अस्पतालों में जहां 19 रुपये का पर्चा बन रहा है, वहीं टीचिंग अस्पतालों में इसका शुल्क केवल पांच रुपये है, लेकिन दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों से अभी भी 17 रुपये लिए जा रहे हैं। अस्पताल में पिछले वर्ष भी यूजर चार्ज 17 रुपये था।
इस वर्ष दस फीसदी की बढ़ोतरी होने के समय चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यूजर चार्ज में दस फीसदी की वृद्धि करने से इनकार कर दिया। हालांकि अन्य मेडिकल कॉलेजों की तरह उन्होंने यूजर चार्ज कम नहीं किए।
चिकित्सा शिक्षा विभाग को यूजर चार्ज कम करना था। इस वर्ष यूजर चार्ज में बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन कमी नहीं हुई है। विभागीय आदेश पर ही कमी हो सकेगी।
-डॉ. केके टम्टा, चिकित्साधीक्षक