राज्य कैबिनेट ने इलेक्ट्रॉनिक, कॉस्मेटिक्स व इलेक्ट्रिकल गुड्स पर वैट बढ़ाने, मलिन बस्तियों को नियमित करने और बेरोजगारों को खोखा उपलब्ध कराने के साथ ही सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। रविवार देर रात तक चली बैठक में एमबीबीएस और बीडीएस दाखिलों की अलग-अलग नीट काउंसिलिंग कराने और मानदेय से वंचित पीटीए टीचरों को दस हजार रुपये मासिक देने पर भी मुहर लगा दी गई।
मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड मूल्यवर्धित कर अधिनियम की धारा-3 (क) के अंतर्गत अवर्गीकृत वस्तुओं पर अब 13.5 प्रतिशत कर के अलावा एक फीसदी अतिरिक्त कर देना होगा। इस श्रेणी में प्रमुख रूप से इलेक्ट्रानिक, कॉस्मेटिक्स, इलेक्ट्रिकल गुड्स आदि सम्मिलित हैं। इस लिहाज से महिलाओं को सजना-संवरना अब महंगा पड़ेगा।
चुगान नीति और ई-रवन्ना को मंजूरी मिल जाने से खनन व्यवसायियों को खनिज अभिवहन पास (रवन्ना) प्राप्त करना सुगम हो जाएगा। अब वे स्वयं इंटरनेट के माध्यम से रवन्ना डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लागू होने के बाद खनिजों की लोडिंग-अनलोडिंग और बिक्री के अलावा राजस्व संबंधी ब्यौरा भी एक क्लिक में उपलब्ध हो जाएगा।
उत्तराखंड रिवर ट्रेनिंग नीति, 2016 को भी इसमें मंजूरी मिल गई। केंद्र सरकार की भांति राज्य सरकार ने भी एक जनवरी 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन में बढ़ोत्तरी किए जाने का निर्णय लिया है। ऐसे सरकारी सेवक जिनकी सेवाकाल में मृत्यु हो जाती है, उनके परिवार को मृत्यु की तारीख से 10 वर्ष की अवधि तक बढ़ी हुई दरों पर पारिवारिक पेंशन अनुमन्य होगी।